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ई-कॉमर्स वेबसाइटों के लिए, यूआरएल का स्ट्रक्चर डिज़ाइन करना

अच्छी तरह डिज़ाइन किए गए यूआरएल की मदद से, Google आपकी ई-कॉमर्स साइट के वेब पेजों को बेहतर तरीके से ढूंढ पाता है और उन्हें अपने इंडेक्स में शामिल कर पाता है. अपनी साइट के यूआरएल के स्ट्रक्चर को मैनेज करने के लिए, यह गाइड पढ़ें. इससे, आपको यूआरएल का बेहतर स्ट्रक्चर बनाने में मदद मिल सकती है. खास तौर पर, यह गाइड अपनी साइट को शुरू से बनाने के लिए काफ़ी मददगार साबित हो सकती है. इससे, ई-कॉमर्स साइटों को इंडेक्स करते समय, Google को आने वाली समस्याओं को दूर किया जा सकता है.

यूआरएल का स्ट्रक्चर बेहतर तरीके से डिज़ाइन करना ज़रूरी क्यों है

यूआरएल के अच्छी तरह से डिज़ाइन किए गए स्ट्रक्चर की मदद से, Google आपकी साइट को बेहतर तरीके से क्रॉल और इंडेक्स कर सकता है. वहीं, स्ट्रक्चर को ठीक तरह से डिज़ाइन न करने की वजह से, ये समस्याएं आ सकती हैं:

  • कॉन्टेंट छूट सकता है: अगर Googlebot को गलती से लगता है कि दो यूआरएल पर एक जैसा कॉन्टेंट दिखेगा, तो हो सकता है कि क्रॉलर अपने इंडेक्स में सिर्फ़ एक यूआरएल को शामिल करे. ऐसे में, दूसरे यूआरएल को डुप्लीकेट के तौर पर खारिज कर दिया जाता है. ऐसा तब हो सकता है, जब फ़्रैगमेंट आइडेंटिफ़ायर (जैसे, #fragment) का इस्तेमाल, अलग-अलग कॉन्टेंट दिखाने के लिए किया जाता है. Google, पेजों को इंडेक्स करते समय, फ़्रैगमेंट आइडेंटिफ़ायर का इस्तेमाल नहीं करता है.

    उदाहरण: Google, /product/t-shirt#black और /product/t-shirt#white को एक ही पेज मानता है.

  • क्रॉलर अपने इंडेक्स में, एक ही कॉन्टेंट को कई बार शामिल कर सकता है.: ऐसा तब होता है, जब Google को लगता है कि दो यूआरएल अलग-अलग हैं, लेकिन वे उपयोगकर्ता को एक ही पेज पर ले जा रहे हैं. इससे, आपकी साइट के क्रॉल होने की रफ़्तार कम हो सकती है. साथ ही, आपके वेब सर्वर पर ज़रूरत से ज़्यादा लोड पड़ सकता है, जिसका कोई फ़ायदा नहीं होता.

    उदाहरण: /product/black-t-shirt और /product?sku=1234, उपयोगकर्ता को प्रॉडक्ट वाले एक ही पेज पर ले जा सकते हैं. हालांकि, Google सिर्फ़ यूआरएल को देखकर इसका पता नहीं लगा सकता.

  • क्रॉलर को लग सकता है कि आपकी साइट पर अनगिनत पेज मौजूद हैं.: ऐसा तब होता है, जब आपके यूआरएल में, टाइमस्टैंप जैसी लगातार बदलने वाली वैल्यू शामिल होती है. इससे, Google को आपकी साइट पर मौजूद काम का कॉन्टेंट ढूंढने में ज़्यादा समय लग सकता है.

    उदाहरण: हो सकता है कि Google, /about?now=12:34am और /about?now=12:35am को अलग-अलग यूआरएल माने. भले ही, दोनों यूआरएल उपयोगकर्ता को एक ही पेज पर ले जाते हों.

Google आपकी साइट को कैसे क्रॉल और इंडेक्स करता है, इस बारे में ज़्यादा जानने के लिए, Google Search के काम करने का तरीका और Google के साइट क्रॉलर आपकी साइट को कैसे इंडेक्स करते हैं सेक्शन देखें.

अच्छे यूआरएल स्ट्रक्चर को डिज़ाइन करने के सबसे सही तरीके

Google आपकी वेबसाइट को बेहतर तरीके से क्रॉल और इंडेक्स करे, इसके लिए यहां बताए गए सबसे सही तरीके अपनाएं. इनसे, आपको यूआरएल का बेहतर स्ट्रक्चर डिज़ाइन करने में मदद मिलेगी.

यूआरएल डिज़ाइन करने से जुड़े सामान्य सुझाव

  • अपनी साइट से ऐसे वैकल्पिक यूआरएल हटाएं जो एक ही कॉन्टेंट दिखाते हैं, ताकि Google आपकी साइट को ज़रूरत से ज़्यादा बार अनुरोध न भेजे. हो सकता है कि दोनों पेजों का कॉन्टेंट अपने इंडेक्स में शामिल करने तक, Google को यह पता न चले कि दोनों यूआरएल एक ही पेज को दिखाते हैं.
  • अगर वेब सर्वर किसी यूआरएल में मौजूद बड़े और छोटे अक्षरों वाले टेक्स्ट को एक ही तरीके से देखता है, तो पूरे टेक्स्ट को एक ही तरह के अक्षरों (बड़े या छोटे) में बदलें. इससे, Google के लिए यह तय करना आसान हो जाता है कि यूआरएल उपयोगकर्ता को एक ही पेज पर ले जाते हैं.
  • पक्का करें कि तय क्रम से लगाए गए पेजों के नतीजों में, हर पेज पर अलग यूआरएल हो. हमने देखा है कि यूआरएल से जुड़ी ज़्यादातर समस्याएं, पेजों का क्रम तय करने के दौरान, यूआरएल स्ट्रक्चर तय करने में होती हैं.
  • यूआरएल पाथ में, ज़्यादा जानकारी देने वाले शब्द जोड़ें. यूआरएल में दिए गए शब्द, पेज को बेहतर तरीके से समझने में Google की मदद कर सकते हैं.

    ऐसा यूआरएल इस्तेमाल करने का सुझाव दिया जाता है: /product/black-t-shirt-with-a-white-collar

    ऐसा यूआरएल इस्तेमाल करने का सुझाव नहीं दिया जाता: /product/3243

यूआरएल में क्वेरी पैरामीटर इस्तेमाल करने से जुड़े सुझाव

क्वेरी पैरामीटर का इस्तेमाल करते समय इन सुझावों को अपनाएं, ताकि Google आपकी साइट को बेहतर तरीके से क्रॉल और इंडेक्स कर सके.

  • जहां भी हो सके, ?value के बजाय ?key=value यूआरएल पैरामीटर का इस्तेमाल करें. यूआरएल पैरामीटर की मदद से, Google Search आपकी साइट के स्ट्रक्चर को समझ पाता है. साथ ही, उसे बेहतर तरीके से क्रॉल और इंडेक्स कर पाता है.

    ऐसा पैरामीटर इस्तेमाल करने का सुझाव दिया जाता है: /photo-frames?page=2, /t-shirt?color=green

    ऐसा पैरामीटर इस्तेमाल करने का सुझाव नहीं दिया जाता: /photo-frames?2, /t-shirt?green

  • एक ही पैरामीटर को दो बार इस्तेमाल न करें. अगर एक ही पैरामीटर का इस्तेमाल दो बार किया जाता है, तो हो सकता है कि Googlebot किसी एक वैल्यू को नज़रअंदाज़ कर दे.

    ऐसा पैरामीटर इस्तेमाल करने का सुझाव दिया जाता है: ?type=candy,sweet

    ऐसा पैरामीटर इस्तेमाल करने का सुझाव नहीं दिया जाता: ?type=candy&type=sweet

  • ऐसे पैरामीटर में अंदरूनी लिंक न डालें जिनका इस्तेमाल कुछ ही समय के लिए किया जाता है, जैसे कि सेशन-आईडी, ट्रैकिंग कोड, उपयोगकर्ता से जुड़ी वैल्यू (location=nearby,time=last-week), मौजूदा समय वगैरह. ऐसा करने से एक ही पेज के कई डुप्लीकेट यूआरएल या कुछ समय के लिए इस्तेमाल होने वाले यूआरएल बन सकते हैं. Google Search से बेहतर नतीजे पाने के लिए, लंबे समय तक काम करने वाले यूआरएल का इस्तेमाल करें.

    ऐसा यूआरएल इस्तेमाल करने का सुझाव दिया जाता है: /t-shirt?location=UK

    ऐसा यूआरएल इस्तेमाल करने का सुझाव नहीं दिया जाता: /t-shirt?location=nearby, /t-shirt?current-time=12:02, /t-shirt?session=123123123

Google, प्रॉडक्ट के अलग-अलग वैरिएंट के यूआरएल को कैसे समझता है

ई-कॉमर्स साइटों के बारे में आम तौर पर पूछा जाने वाला सवाल है कि अगर कोई प्रॉडक्ट एक से ज़्यादा साइज़ या रंगों में उपलब्ध है, तो यूआरएल के स्ट्रक्चर को कैसे डिज़ाइन किया जाए. प्रॉडक्ट एट्रिब्यूट के हर कॉम्बिनेशन को प्रॉडक्ट वैरिएंट कहा जाता है. Google पर, प्रॉडक्ट के अलग-अलग वैरिएंट के लिए, यूआरएल के कई तरह के स्ट्रक्चर इस्तेमाल किए जा सकते हैं.

अगर आपको एक ही पेज पर प्रॉडक्ट के कई वैरिएंट शामिल करने हैं (यानी, एक ही यूआरएल पर कई वैरिएंट दिखाए जाते हैं), तो इन सीमाओं का ध्यान रखें:

  • हो सकता है कि वह पेज खोज के नतीजों में दिखने वाले प्रॉडक्ट के ज़्यादा बेहतर नतीजों (रिच रिज़ल्ट) में न दिखे. ऐसा इसलिए होगा, क्योंकि प्रॉडक्ट के ज़्यादा बेहतर नतीजों (रिच रिज़ल्ट) में सिर्फ़ ऐसे पेज दिखाए जाते हैं जिनमें किसी एक प्रॉडक्ट के बारे में ही जानकारी होती है. वहीं Google Search, प्रॉडक्ट के वैरिएंट को अलग प्रॉडक्ट मान सकता है.
  • Google Shopping जैसे प्लैटफ़ॉर्म की मदद से खरीदारी करते समय, उपयोगकर्ता को आपकी साइट पर मौजूद प्रॉडक्ट के किसी खास वैरिएंट पर नहीं ले जाया जा सकता. उपयोगकर्ता को आपकी साइट पर चेकआउट करने से पहले, उस वैरिएंट को चुनना पड़ता है जिसे वह खरीदना चाहता है. अगर खरीदार ने Google Shopping पर पहले ही अपनी पसंद का वैरिएंट चुन लिया है और उसे आपकी साइट पर चेकआउट करने से पहले, दोबारा वैरिएंट चुनना पड़े, तो इससे उपयोगकर्ता का अनुभव खराब हो सकता है.

अगर आपको हर वैरिएंट के लिए एक अलग यूआरएल का इस्तेमाल करना है, तो Google का सुझाव है कि आप इनमें से किसी एक का इस्तेमाल करें:

  • पाथ सेगमेंट, जैसे कि /t-shirt/green
  • क्वेरी पैरामीटर, जैसे कि /t-shirt?color=green

प्रॉडक्ट के वैरिएंट के किसी एक यूआरएल को प्रॉडक्ट के कैननिकल यूआरएल के तौर पर चुनें. इससे Google को यह समझने में मदद मिलेगी कि Search में दिखाने के लिए कौनसा वैरिएंट सबसे अच्छा है. ध्यान रखें कि प्रॉडक्ट स्निपेट, कैननिकल यूआरएल की प्रॉडक्ट जानकारी का इस्तेमाल करता है, जैसे कि कीमत और उपलब्धता.

अगर आपको वैरिएंट की पहचान करने के लिए वैकल्पिक क्वेरी पैरामीटर का इस्तेमाल करना है, तो कैननिकल यूआरएल के तौर पर उस यूआरएल का इस्तेमाल करें जिसमें क्वेरी पैरामीटर हटाया गया हो. इससे, Google को बेहतर तरीके से यह समझने में मदद मिलती है कि प्रॉडक्ट के वैरिएंट एक-दूसरे से किस तरह जुड़े हैं. उदाहरण के लिए, अगर किसी टी-शर्ट के लिए, color क्वेरी पैरामीटर की डिफ़ॉल्ट वैल्यू blue है, तो

  • टी-शर्ट के सभी वैरिएंट के लिए, कैननिकल यूआरएल के तौर पर /t-shirt का इस्तेमाल करें
  • नीली टी-शर्ट के लिए, /t-shirt?color=blue के बजाय /t-shirt का इस्तेमाल करें
  • हरी टी-शर्ट के लिए, /t-shirt?color=green का इस्तेमाल करें
कैननिकल यूआरएल वाली नीली टी-शर्ट, जिसमें रंग वाला क्वेरी पैरामीटर नहीं है और बिना कैननिकल यूआरएल वाली हरी टी-शर्ट, जिसमें रंग वाला क्वेरी पैरामीटर शामिल है, दोनों के बारे में बताया गया है

कॉन्टेंट में यूआरएल का इस्तेमाल करना

अपने कॉन्टेंट में यूआरएल का इस्तेमाल करते समय, यहां बताए गए सबसे सही तरीके अपनाएं. इससे, Google Search और Google Shopping को आपके प्रॉडक्ट को सही तरीके से पहचानने में मदद मिलेगी. साथ ही, ऐसा करने से ये प्लैटफ़ॉर्म जान पाएंगे कि आपके प्रॉडक्ट के अलग-अलग वैरिएंट एक-दूसरे से कैसे जुड़े हैं.

  • अंदरूनी लिंक, साइटमैप फ़ाइलों, और <link rel="canonical"> टैग में एक ही यूआरएल का इस्तेमाल करें. उदाहरण के लिए, अगर आप क्रम में लगे हुए पेजों में, क्वेरी पैरामीटर का इस्तेमाल करके, पहले पेज को लिंक करते हैं, जहां डिफ़ॉल्ट पेज पहला पेज है, तो अपनी साइट के हर यूआरएल में ?page=1 को या तो शामिल करें या हटाएं.
  • इंडेक्स किए जा सकने वाले सभी पेजों पर, सेल्फ़-रेफ़रेंसिंग <link rel="canonical"> टैग (वह टैग जिसमें मौजूद यूआरएल, मौजूदा पेज पर ले जाता हो) का इस्तेमाल करें. साथ ही, मौजूदा पेज पर ले जाने वाले सभी यूआरएल को साइटमैप फ़ाइल में शामिल करें.
  • हर वैरिएंट के लिए अलग यूआरएल वाले प्रॉडक्ट के लिए, सभी वैरिएंट के पेजों पर कैननिकल प्रॉडक्ट वाला यूआरएल शामिल करें. इसके लिए, <link rel="canonical"> टैग का इस्तेमाल करें. ज़्यादा जानकारी के लिए, Google Merchant Center की canonical_link प्रॉपर्टी देखें.
  • <a href> टैग का इस्तेमाल करके, लिंक को सीधे पेजों पर शामिल करें. एक पेज से दूसरे पर जाने के लिए, JavaScript का इस्तेमाल न करें. हो सकता है कि Googlebot, JavaScript कोड की मदद से किए जा रहे नेविगेशन का पता न लगा पाए. Google, JavaScript को कैसे प्रोसेस करता है, इस बारे में ज़्यादा जानने के लिए, यह लेख देखें JavaScript एसईओ की बुनियादी बातों को समझना.
  • जहां भी हो सके, <a href> और </a> टैग के बीच, बेहतर जानकारी वाला टेक्स्ट शामिल करें. जैसे, उस प्रॉडक्ट का शीर्षक जिसे जोड़ा जा रहा है. "यहां क्लिक करें" जैसे सामान्य वाक्यांशों का इस्तेमाल न करें.
  • ऐसे पेजों को लिंक करने या कम से कम उन्हें इंडेक्स कराने से बचें जिन पर काम का कॉन्टेंट मौजूद नहीं है. अगर किसी कैटगरी में कोई आइटम मौजूद नहीं है, तो noindex रोबोट मेटा टैग का इस्तेमाल करें. अगर आपकी साइट को पता चलता है कि किसी कैटगरी में कोई भी आइटम मौजूद नहीं है और ऑन-साइट खोज और ब्राउज़ से वह कैटगरी अपने-आप हट जाती है, तो उस पेज के लिए, 404 (not found) एचटीटीपी स्टेटस कोड दिखाएं.

अन्य संसाधन

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