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अपनी साइट या प्लैटफ़ॉर्म पर, लोगों के जनरेट किए गए स्पैम को रोकना

स्पैम करने वाले व्यक्ति अक्सर टिप्पणी वाले फ़ॉर्म और दूसरे यूज़र जनरेटेड कॉन्टेंट के इनपुट का गलत फ़ायदा उठाते हैं. ऐसा वे, इस बात से अनजान व्यक्ति की साइट में, स्पैम वाली वेबसाइट या पेज का लिंक डालकर करते हैं. होस्ट करने वाले प्लैटफ़ॉर्म का भी इसी तरीके से गलत इस्तेमाल हो सकता है. स्पैम करने वाले व्यक्ति बहुत सारी साइटें बना सकते हैं. इनसे, हमारी स्पैम से जुड़ी नीतियों का उल्लंघन होता है. यह कॉन्टेंट हल्की या बिलकुल खराब क्वालिटी का होता है.

अपने प्लैटफ़ॉर्म या साइट का गलत इस्तेमाल होने से रोकना ज़्यादा मुश्किल नहीं होता. कुछ आसान चीज़ें, जैसे कि आपकी प्रॉपर्टी पर आने से पहले नई तरह की चुनौती को पार करना भी स्पैम करने वाले व्यक्ति को प्रॉपर्टी पर आने से रोक सकता है.

लोगों को बताना कि आपकी सेवा पर स्पैम की अनुमति नहीं दी जाती है

उल्लंघन से जुड़ी अपनी नीति के बारे में, साफ़ तौर पर जानकारी पब्लिश करें और लोगों को इसके बारे में बताएं. उदाहरण के लिए, लोगों को इसकी सूचना तब दी जा सकती है, जब वे साइन अप कर रहे हों. इसके अलावा, अपने भरोसेमंद लोगों को अपनी प्रॉपर्टी में मौजूद स्पैम वाली वेबसाइट या पेज की शिकायत करने की अनुमति दें.

स्पैम वाली वेबसाइट या पेज बनाने वाले खातों की पहचान करना

अपने प्लैटफ़ॉर्म पर होने वाले हर साइन अप और लोगों के इंटरैक्शन का रिकॉर्ड रखें. साथ ही, स्पैम से जुड़ी सामान्य गतिविधियों को पहचानने की कोशिश करें, जैसे कि:

  • फ़ॉर्म भरने में लगने वाला समय
  • एक ही तरह के आईपी पतों से भेजे गए अनुरोधों की संख्या
  • साइन अप के दौरान इस्तेमाल किए गए उपयोगकर्ता एजेंट
  • साइन अप के दौरान चुने गए, लोगों के नाम या सबमिट किए गए फ़ॉर्म की अन्य जानकारी

इन तरीकों से आपको लोगों के लिए भरोसेमंद सिस्टम बनाने में मदद मिल सकती है. इससे न सिर्फ़ आपको लोगों से जुड़ने का मौका मिल सकता है, बल्कि स्पैम करने वाले लोगों को भी पहचानने में मदद मिल सकती है. स्पैम टिप्पणी करने वाले ज़्यादातर लोग अपना कॉन्टेंट सर्च इंजन में दिखाना चाहते हैं. इसलिए, आप ऐसे नए लोगों की पोस्ट परnoindex रोबोट मेटा टैग को जोड़ने के बारे में सोचें जो फ़िलहाल आपके प्लैटफ़ॉर्म पर भरोसेमंद या अहम सदस्य नहीं हैं. कुछ समय बाद, जब कोई व्यक्ति एक भरोसेमंद सदस्य के तौर पर पहचान बना लेता है, तब उसके कॉन्टेंट को इंडेक्स करने की अनुमति दी जा सकती है. यह तरीका, स्पैम करने वाले लोगों को आपके प्लैटफ़ॉर्म पर जुड़ने से रोकने में काफ़ी मददगार साबित होगा.

साइट पर गलत लिंक डालकर अक्सर, स्पैम करने वाले लोगों का हौसला काफ़ी बढ़ जाता है. इसलिए, जिस कॉन्टेंट पर आपको भरोसा न हो उसमें मौजूद सभी लिंक में nofollow या ugc rel एट्रिब्यूट डालने के बारे में सोचें.

संदिग्ध लगने वाले लोगों के इंटरैक्शन के लिए मैन्युअल रूप से मंज़ूरी देना

कुछ तरह के लोगों के इंटरैक्शन के लिए, मैन्युअल रूप से मंज़ूरी देना या मॉडरेटर लगाना, आपके प्लैटफ़ॉर्म पर स्पैम को कम कर सकता है. ऐसा स्पैम करने वाले व्यक्तियों को जल्दी से कॉन्टेंट बनाने से रोककर किया जाता है, ताकि वे इस कॉन्टेंट को स्पैम न कर सकें. मॉडरेटर जोड़ने से आपका रोज़ का काम थोड़ा बढ़ सकता है, लेकिन यह स्पैम को रोकने का एक असरदार तरीका है. यह काम करने का असरदार तरीका है. उदाहरण के लिए, कई सीएमएस में टिप्पणियों पर नियंत्रण की सुविधा पहले से मौजूद होती है.

स्पैमिंग की बार-बार कोशिश को रोकने के लिए, ब्लॉकलिस्ट का इस्तेमाल करना

जब आपको स्पैम वाली वेबसाइट या पेज की कोई प्रोफ़ाइल मिले, तो उसे हटाने का ऐसा तरीका बनाएं जिससे इस तरह की दूसरी प्रोफ़ाइलों को हटाने में मदद मिल सके. उदाहरण के लिए, अगर आपको एक ही आईपी पते से जुड़ी, स्पैम वाली वेबसाइट या पेज की कई प्रोफ़ाइलें मिलती हैं, तो उस आईपी पते को हमेशा के लिए पाबंदी वाली सूची में जोड़ें. सीएमएस (जैसे, WordPress) के लिए Akismet जैसे प्लग इन से आपको मदद मिल सकती है. हालांकि, आईपी पते को फ़ायरवॉल की रोक लगाने वाली सूची में जोड़ना भी एक असरदार तरीका हो सकता है.

खाता अपने-आप बनने से रोकना

साइन अप फ़ॉर्म में, reCAPTCHA या पुष्टि करने वाले इसी तरह के अन्य टूल इस्तेमाल करें, ताकि सिर्फ़ असली उपयोगकर्ता ही साइन अप फ़ॉर्म सबमिट कर सकें. इस तरह से अपनी होस्टिंग सेवा पर, ऑटोमेटेड स्क्रिप्ट की मदद से अपने-आप बनने वाली कई वेबसाइटों को रोका जा सकता है.

गलत इस्तेमाल रोकने के लिए अपनी सेवा पर नज़र रखना

  • स्पैम वाले सिग्नल की पहचान करने के लिए, आप अपनी प्रॉपर्टी पर नज़र रखें. जैसे: दूसरे वेबलिंक पर भेजना, बड़ी संख्या में विज्ञापन के सेक्शन, स्पैम जैसे दिखने वाले कुछ कीवर्ड, और एन्कोड किए गए JavaScript कोड के बड़े सेक्शन. site: खोज ऑपरेटर या Google Alerts की मदद से, समस्याओं का पता लगाया जा सकता है.
  • अपने वेब सर्वर की लॉग फ़ाइलों पर नज़र रखें और देखें कि साइट का ट्रैफ़िक अचानक तेज़ी से बढ़ने तो नहीं लगा है.
  • अपनी प्रॉपर्टी पर नज़र रखें और देखें कि उसमें फ़िशिंग और मैलवेयर वाले पेज न हों. उदाहरण के लिए, Google सुरक्षित ब्राउज़िंग एपीआई का इस्तेमाल करके, समय-समय पर अपनी होस्टिंग सेवा से जुड़े यूआरएल की जांच की जा सकती है.
  • जांच करें कि आपकी सेवाओं की मदद से, सही वेबसाइटें बनाई जा रही हैं या नहीं. उदाहरण के लिए, अगर आपने जापान के लोगों के लिए कॉन्टेंट बनाया है तो यह देखें कि आपकी प्रॉपर्टी में हज़ारों लोग इटली की आईपी से क्यों जुड़े हैं? हाल ही में बनी वेबसाइटों की भाषा का पता लगाने के लिए, बहुत सारे टूल मौजूद हैं. उदाहरण के लिए, भाषा का पता लगाने वाली लाइब्रेरी या Google Translate API v2.