वेबसाइट को मोबाइल-फ़्रेंडली बनाने से जुड़ी अहम जानकारी

संग्रह की मदद से व्यवस्थित रहें अपनी प्राथमिकताओं के आधार पर, कॉन्टेंट को सेव करें और कैटगरी में बांटें.

मोबाइल दुनिया को बदल रहा है. आज हर किसी के पास स्मार्टफ़ोन है, जिससे वे लगातार बातचीत कर रहे हैं और जानकारी खोज रहे हैं. कई देशों में स्मार्टफ़ोन, निजी कंप्यूटर से ज़्यादा हो गए हैं. मोबाइल-फ़्रेंडली वेबसाइट होना, इंटरनेट पर मौजूदगी का एक अहम हिस्सा बन गया है.

  1. आपकी वेबसाइट मोबाइल-फ़्रेंडली है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए मोबाइल-फ़्रेंडली जांच करें.
  2. अगर आपने वेबसाइट को बनाने के लिए, Wordpress जैसे कॉन्टेंट मैनेजमेंट सॉफ़्टवेयर (सीएमएस) का इस्तेमाल किया है, तो अपनी वेबसाइट के सॉफ़्टवेयर को पसंद के मुताबिक बनाने के लिए हमारी गाइड देखें.
  3. अगर आपके पास इसे खुद करने के लिए ज़रूरी तकनीकी जानकारी है, तो मोबाइल कॉन्फ़िगरेशन चुनकर काम शुरू करें.

वेबसाइट को मोबाइल-फ़्रेंडली क्यों बनाना चाहिए?

किसी साइट के मोबाइल-फ़्रेंडली वर्शन के मुकाबले, उसके डेस्कटॉप वर्शन को मोबाइल डिवाइस पर देखना और इस्तेमाल करना मुश्किल हो सकता है

अगर आपकी साइट मोबाइल-फ़्रेंडली नहीं है, तो उसे मोबाइल डिवाइस पर देखना और इस्तेमाल करना मुश्किल हो सकता है. अगर साइट मोबाइल-फ़्रेंडली नहीं है, तो उपयोगकर्ताओं को उस पर कॉन्टेंट पढ़ने के लिए, पिंच या ज़ूम इन करना होगा. उपयोगकर्ताओं के लिए यह परेशान कर देने वाला अनुभव हो सकता है और वे साइट से जा सकते हैं. वहीं, साइट का मोबाइल-फ़्रेंडली वर्शन आसानी से पढ़ा जा सकता है और तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है.

संयुक्त राज्य अमेरिका में स्मार्टफ़ोन रखने वाले 94% लोग, स्थानीय जानकारी खोजने के लिए अपने फ़ोन का इस्तेमाल करते हैं. दिलचस्प बात यह है कि मोबाइल से की जाने वाली 77% खोजें, घर या ऑफ़िस से की जाती हैं और इन जगहों पर डेस्कटॉप कंप्यूटर मौजूद होने की संभावना ज़्यादा होती है.

मोबाइल आपके कारोबार के लिए काफ़ी ज़रूरी है. भले ही, आपको अपनी पसंदीदा स्पोर्ट्स टीम के बारे में ब्लॉग लिखना हो, अपने कम्यूनिटी थिएटर के लिए वेबसाइट बनानी हो या संभावित ग्राहकों को प्रॉडक्ट बेचना हो. यह पक्का कर लें कि वेबसाइट पर आने वाले लोग, अपने मोबाइल डिवाइसों से भी आपकी साइट का इस्तेमाल बेहतर तरीके से कर पाएं.

मैं कैसे शुरू करूं?

मोबाइल फ़्रेंडली साइट बनाने के लिए क्या-क्या करना होगा, यह आपके डेवलपर रिसॉर्स और कारोबार के मॉडल के हिसाब से तय होता है. साथ ही, यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि आपको इस बारे में कितनी जानकारी है. मोबाइल पर काम करने के लिए डेस्कटॉप साइट को फिर से कैसे डिज़ाइन किया जा सकता है, नीचे दिए डायग्राम में इसका उदाहरण देखें:

मोबाइल पर काम करने के लिए डेस्कटॉप साइट को फिर से कैसे डिज़ाइन किया जा सकता है

बुनियादी तरीके के रूप में, डेस्कटॉप साइट में मौजूद कॉन्टेंट के सेक्शन को ही इस्तेमाल करके, मौजूदा डेस्कटॉप साइट को मोबाइल-फ़्रेंडली बनाने पर ज़ोर दिया जाता है. इसके लिए, कॉन्टेंट वाले सेक्शन को मोबाइल-फ़्रेंडली डिज़ाइन पैटर्न में व्यवस्थित किया जाता है. मोबाइल साइट बनाने के तकनीकी पहलू से जुड़ी ज़्यादा जानकारी के लिए, मोबाइल एसईओ कॉन्फ़िगरेशन के विकल्पों के बारे में जानें.

मोबाइल डिवाइसों के लिए वेबसाइट बनाते समय, कौनसी तीन सबसे अहम बातें मुझे पता होनी चाहिए?

1. ग्राहक आसानी से वेबसाइट इस्तेमाल कर सकें.

लोग जिस मकसद से आपकी वेबसाइट पर आ रहे हैं उसे पूरा करने में उनकी मदद करें. उनका मकसद कुछ भी सकता है, जैसे कि आपकी ब्लॉग पोस्ट से अपना मनोरंजन करना, आपके रेस्टोरेंट का पता जानना या आपके प्रॉडक्ट की समीक्षाएं देखना. अपनी साइट को इस तरह से डिज़ाइन करें कि ग्राहक उस पर आसानी से आकर, अपना कोई काम पूरा कर सके.

ग्राहक जिस तरीके से वेबसाइट का इस्तेमाल कर सकता है उसके बारे में जानकारी (आउटलाइन)

साइट पर ग्राहक अपना ज़रूरी काम करने के लिए जो तरीका इस्तेमाल कर सकता है उसकी एक रूपरेखा तैयार करें. इससे, आपको यह पक्का करने में मदद मिलेगी कि ग्राहक मोबाइल डिवाइस पर भी अपना काम आसानी से कर पा रहा है या नहीं. साइट को इस्तेमाल करने के तरीके आसान बनाने और उपयोगकर्ता के इंटरैक्शन कम करने की कोशिश करें. दिए गए उदाहरण में: (1) ग्राहक, लैंप खरीदने के लिए खोज करने के बाद, किसी साइट पर क्लिक करता है; (2) मनपसंद लैंप चुनने के लिए ब्राउज़ करता है; और (3) अपनी पसंद का लैंप खरीदता है.

2. आपकी वेबसाइट कितने बेहतर तरीके से काम कर रही है, यह जानने के लिए देखें कि मोबाइल से वेबसाइट पर आने वाले ग्राहक कितनी आसानी से अपने सामान्य काम निपटा पाते हैं.

उपयोगकर्ता, मोबाइल डिवाइस को देख रहा है

मोबाइल वेबसाइट बनाने के लिए प्राथमिकताएं तय करना ज़रूरी है. मोबाइल से वेबसाइट पर आने वाले ग्राहकों के लिहाज़ से, सबसे अहम और सामान्य तौर पर किए जाने वाले कामों का पता लगाने से शुरुआत करें. आपकी मोबाइल साइट पर इन कामों का पूरा होना बहुत ज़रूरी है. इसी से पता चलता है कि आपकी मोबाइल साइट पर आकर, ग्राहक कितने आसान और बेहतर तरीके से अपने काम पूरे कर सकते हैं. ऐसे कई तरीके हैं जिनकी मदद से अपनी वेबसाइट को आसानी से इस्तेमाल करने लायक बनाया जा सकता है. सभी डिवाइसों पर, अपनी साइट का इंटरफ़ेस एक जैसा रखने और एक जैसा अनुभव देने पर खास ध्यान दें.

MediaPost के मुताबिक, "मोबाइल शॉपिंग साइटों के मामले में, मोबाइल पर खरीदारी करने वाले लोगों के लिए आसानी से इस्तेमाल किए जा सकने की सुविधा सबसे ज़्यादा मायने रखती है. जवाब देने वाले 48% लोगों ने इसे किसी भी मोबाइल साइट की सबसे अहम खासियत बताया."

3. वेबसाइट के लिए ऐसा मोबाइल टेंप्लेट, थीम या डिज़ाइन चुनें जो सभी डिवाइसों पर एक जैसा दिखे. उदाहरण के लिए, रिस्पॉन्सिव वेब डिज़ाइन (स्क्रीन के हिसाब से साइज़ बदलने वाला वेब डिज़ाइन) का इस्तेमाल किया जा सकता है.

रिस्पॉन्सिव वेब डिज़ाइन का मतलब यह है कि पेज के लिए एक ही यूआरएल और कोड का इस्तेमाल किया जाता है. इस बात से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि वेबसाइट को डेस्कटॉप कंप्यूटर, टैबलेट या मोबाइल फ़ोन पर देखा जा रहा है – सिर्फ़ डिसप्ले, स्क्रीन के साइज़ के हिसाब से बदलता है या रिस्पॉन्स देता है. Google दूसरे डिज़ाइन पैटर्न के बजाय, रिस्पॉन्सिव वेब डिज़ाइन का इस्तेमाल करने का सुझाव देता है. रिस्पॉन्सिव वेब डिज़ाइन का एक फ़ायदा यह भी है कि आपको साइट के दो वर्शन के बजाय, एक ही वर्शन को मैनेज करना होगा. आपको डेस्कटॉप साइट www.example.com और उसके मोबाइल वर्शन m.example.com को अलग-अलग मैनेज करने की ज़रूरत नहीं होती – डेस्कटॉप और मोबाइल साइट पर आने वाले लोगों के लिए, आपको सिर्फ़ एक साइट, जैसे कि www.example.com को मैनेज करना होगा.

डेस्कटॉप और मोबाइल से वेबसाइट पर आने वाले लोगों के लिए काम करने वाली वेबसाइट

रिस्पॉन्सिव साइट, एक ही यूआरएल और कोड का इस्तेमाल करते हुए, अलग-अलग साइज़ की स्क्रीन के हिसाब से, डिसप्ले में बदलाव करती है. ऊपर बताए गए तीनों डिवाइस, www.example.com का इस्तेमाल करते हैं, न कि m.example.com पर मौजूद मोबाइल पेज और t.example.com पर मौजूद टैबलेट पेज का.

"रिस्पॉन्सिव वेब डिज़ाइन का इस्तेमाल करने से Baines & Ernst को, कई वेबसाइट बनाए बिना अलग-अलग साइज़ की स्क्रीन पर, अपनी साइट के अनुभव को ऑप्टिमाइज़ करने की सुविधा मिली है. उन्होंने पाया कि वेबसाइट पर आने वाले लोगों ने, हर विज़िट में पहले के मुकाबले 11% ज़्यादा पेज देखे और मोबाइल कन्वर्ज़न में 51% तक की बढ़ोतरी हुई."

कन्वर्ज़न तब होते हैं, जब ग्राहक कोई काम करता है. जैसे कि प्रॉडक्ट खरीदना, कारोबार को कॉल करना या न्यूज़लेटर के लिए साइन अप करना.

रिस्पॉन्सिव वेब डिज़ाइन लागू करने के तरीके के बारे में जानकारी के लिए, वेब की बुनियादी बातें देखें. अगर आपको मोबाइल, टैबलेट, और डेस्कटॉप वेबसाइटों के लिए, अलग-अलग वेब डिज़ाइन लागू करने के फ़ायदे और नुकसान का आकलन करना है, तो मल्टी-स्क्रीन कंज़्यूमर के लिए वेबसाइट बनाना पढ़ें.

मोबाइल-फ़्रेंडली वेबसाइट बनाने की शुरुआत करने वाले लोगों को किन तीन सबसे अहम गलतियों से बचना चाहिए?

  1. अपने मोबाइल ग्राहकों को भूल जाना. याद रखें कि अच्छी मोबाइल साइटें मददगार होती हैं – इनसे वेबसाइट पर आने वाले लोगों को अपने काम पूरे करने में मदद मिलती है, चाहे वे कोई दिलचस्प लेख पढ़ रहे हों या आपके स्टोर की जगह के बारे में जानकारी देख रहे हों. सिर्फ़ मोबाइल पर काम करने वाली साइट बनाने में ही न उलझें. ऐसी साइट मोबाइल पर अच्छी दिखती है, लेकिन उसमें सभी सुविधाएं कम नहीं करती हैं. इसके बजाय, मोबाइल-फ़्रेंडली साइट बनाने पर ध्यान दें. यह साइट ऐसी होनी चाहिए जो मोबाइल ग्राहकों के लिए वाकई काम की हो और उनके सामान्य कामों के लिए ऑप्टिमाइज़ की गई हो.
  2. डेस्कटॉप साइट से किसी दूसरे डोमेन, सबडोमेन या सबडायरेक्ट्री पर मोबाइल साइट लागू करना. हालांकि, Google एक से ज़्यादा मोबाइल साइट कॉन्फ़िगरेशन की सुविधा देता है, लेकिन वेब और मोबाइल यूआरएल अलग-अलग बनाने से, साइट को मैनेज और अपडेट करने का काम काफ़ी बढ़ जाता है. इससे तकनीकी समस्याएं भी आ सकती हैं. रिस्पॉन्सिव वेब डिज़ाइन का इस्तेमाल करके और एक ही यूआरएल पर डेस्कटॉप और मोबाइल साइट उपलब्ध कराकर, ज़्यादातर चीज़ों को आसान बनाया जा सकता है. Google, रिस्पॉन्सिव वेब डिज़ाइन कॉन्फ़िगरेशन के इस्तेमाल का सुझाव देता है.
  3. अपने कारोबार से मिलते-जुलते संगठनों या दूसरे लोगों की वेबसाइटों को न देखना. आप जिस कारोबार या सेक्टर में हैं उसमें काम कर रहे दूसरे संगठनों, लोगों या अपने प्रतियोगियों की वेबसाइटों को देखें. उनके सबसे सही तरीके अपनाकर अपनी वेबसाइट को बेहतर बनाएं. हो सकता है कि आप जिस कारोबार या सेक्टर में हैं उसमें पहले से कई मोबाइल साइट चल रही हों. पहले से काम कर रहे इन लोगों से आपको काफ़ी कुछ सीखने को मिल सकता है.