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मददगार, भरोसेमंद, और लोगों की पसंद के हिसाब से कॉन्टेंट बनाना

Google के ऑटोमेटेड रैंकिंग सिस्टम, , लोगों को फ़ायदा पहुंचाने के मकसद से बनाई गई भरोसेमंद और मददगार जानकारी दिखाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं. इनका इस्तेमाल, खोज के नतीजों में बेहतर रैंकिंग के लिए नहीं किया जाता है. यह पेज इसलिए बनाया गया है, ताकि क्रिएटर्स यह आकलन कर सकें कि वे इस तरह का कॉन्टेंट बना रहे हैं या नहीं.

अपने कॉन्टेंट का आकलन खुद करना

इन सवालों के आधार पर अपने कॉन्टेंट की जांच करने से, आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि बनाया जा रहा कॉन्टेंट, कितना मददगार और भरोसेमंद है. खुद से ये सवाल पूछने के बाद, कोशिश करें कि कुछ ऐसे भरोसेमंद लोग कॉन्टेंट का आकलन करें जिनका आपकी साइट से कोई लेना-देना नहीं है.

साथ ही, पेजों की परफ़ॉर्मेंस में आई गिरावट की वजहों की भी जांच करें. किन पेजों पर सबसे ज़्यादा असर हुआ और यह किस तरह की खोजों के लिए हुआ? इन बातों पर बारीकी से गौर करें और समझें कि यहां दिए गए कुछ सवालों के मुताबिक इन वजहों का आकलन कैसे किया जाता है.

कॉन्टेंट और उसकी क्वालिटी से जुड़े सवाल

  • क्या आपके कॉन्टेंट में मूल जानकारी, रिपोर्टिंग, रिसर्च या विश्लेषण शामिल है?
  • क्या आपका कॉन्टेंट किसी विषय के बारे में अहम, पूरी या ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी देता है?
  • क्या आपके कॉन्टेंट में ऐसा अहम विश्लेषण या दिलचस्प जानकारी शामिल है जो आम तौर पर नहीं मिलती?
  • अगर कॉन्टेंट में दी गई जानकारी दूसरे सोर्स से ली गई है, तो क्या इसमें उन सोर्स को सीधे तौर पर कॉपी करने या नए सिरे से लिखने से बचा गया है. इसके बजाय, क्या यह कुछ ठोस और असल जानकारी देता है?
  • क्या मुख्य हेडिंग या पेज का टाइटल, कॉन्टेंट के बारे में काम की और खास जानकारी देता है?
  • क्या मुख्य हेडिंग या पेज के टाइटल को बढ़ा-चढ़ाकर बताने या हैरान करने वाला बनाने से बचा गया है?
  • क्या यह ऐसा पेज है जिसे बुकमार्क किया जा सकता है, किसी दोस्त के साथ शेयर किया जा सकता है या किसी को इसे पढ़ने का सुझाव दिया जा सकता है?
  • क्या आपको यह कॉन्टेंट या इसकी जानकारी को प्रिंट की गई किसी पत्रिका, एन्साइक्लोपीडिया या किताब में देखना है?
  • क्या यह कॉन्टेंट खोज के नतीजों में दिखने वाले दूसरे पेजों की तुलना में ज़्यादा काम का लगता है?

खास जानकारी से जुड़े सवाल

  • क्या कॉन्टेंट को इस तरीके से दिखाया गया कि आप उस पर भरोसा कर सकें? उदाहरण के लिए, क्या कॉन्टेंट में सोर्स के बारे में साफ़ तौर पर दी गई जानकारी, विशेषज्ञता का प्रमाण, इसे पब्लिश करने वाले लेखक या साइट की जानकारी (जैसे कि लेखक के पेज या साइट के परिचय वाले पेज का लिंक) शामिल है?
  • अगर किसी ने कॉन्टेंट उपलब्ध कराने वाली साइट के बारे में रिसर्च की थी, तो क्या उसे ऐसा लगा कि इसके कॉन्टेंट पर भरोसा किया जा सकता है या इसे उस विषय के बारे में आधिकारिक जानकारी देने वाली साइट माना जा सकता है?
  • क्या यह कॉन्टेंट किसी विशेषज्ञ या इस विषय की सही जानकारी रखने वाले किसी व्यक्ति ने लिखा है?
  • क्या इस कॉन्टेंट में तथ्यों से जुड़ी ऐसी गड़बड़ियां है जिनकी पुष्टि आसानी से की जा सकती है?

प्रज़ेंटेशन और प्रोडक्शन से जुड़े सवाल

  • क्या कॉन्टेंट में वर्तनी या लिखावट के तरीके से जुड़ी कोई समस्या है?
  • क्या कॉन्टेंट को अच्छी तरह से तैयार किया गया है या ऐसा लगता है कि इसे लापरवाही से या जल्दबाज़ी में तैयार किया गया है?
  • क्या कॉन्टेंट बहुत से क्रिएटर्स को आउटसोर्स करके या उनकी मदद से बड़े पैमाने पर बनाया गया है? क्या यह साइटों के एक बड़े नेटवर्क पर फैला है, ताकि किसी एक पेज या साइट पर ज़्यादा ध्यान न जाए?
  • क्या इस कॉन्टेंट में बहुत ज़्यादा विज्ञापन हैं, जो मुख्य कॉन्टेंट से ध्यान भटकाते हैं या पढ़ने में मुश्किल पैदा करते हैं?
  • क्या मोबाइल डिवाइसों पर कॉन्टेंट अच्छी तरह से दिखता है?

लोगों की पसंद के हिसाब से कॉन्टेंट बनाने पर फ़ोकस करना

लोगों की पसंद के हिसाब से बने कॉन्टेंट का मतलब ऐसे कॉन्टेंट से है जिसे खास तौर पर लोगों के लिए बनाया गया है. इसे सर्च इंजन की रैंकिंग में हेर-फेर करने के लिए नहीं बनाया गया है. यह कैसे पता लगाया जाए कि वीडियो को लोगों की पसंद के हिसाब से बनाया जा रहा है या नहीं? यहां दिए गए सवालों के जवाब हां में देने का मतलब है कि आपका ध्यान, लोगों की पसंद के हिसाब से कॉन्टेंट बनाने पर है:

  • क्या आपके पास अपने कारोबार या साइट के लिए ऐसी मौजूदा या सही ऑडियंस है जो अगर सीधे आपकी साइट पर आए, तो यहां मौजूद कॉन्टेंट उन्हें काम का लगे?
  • क्या आपके कॉन्टेंट में, किसी चीज़ के बारे में विशेषज्ञता और गहरी जानकारी साफ़ तौर पर दिखती है (उदाहरण के लिए, किसी प्रॉडक्ट या सेवा का इस्तेमाल करने या किसी जगह पर जाने से मिली जानकारी)?
  • क्या आपकी साइट का कोई मुख्य मकसद या फ़ोकस है?
  • आपका कॉन्टेंट पढ़ने के बाद, क्या किसी व्यक्ति को ऐसा लगेगा कि उसने किसी विषय के बारे में इतनी जानकारी हासिल कर ली है जिससे उसे अपना मकसद पूरा करने में मदद मिलेगी?
  • क्या आपकी साइट का कॉन्टेंट पढ़ने पर लोगों को अच्छा अनुभव मिलेगा?

सर्च इंजन के लिए कॉन्टेंट बनाने से बचना

हमारा सुझाव है कि आप Google Search पर बेहतर रैंकिंग पाने के लिए, लोगों की पसंद के हिसाब से कॉन्टेंट बनाने पर ध्यान दें, न कि सर्च इंजन को ध्यान में रखकर ऐसा कॉन्टेंट बनाने पर जिसका मुख्य मकसद बेहतर रैंकिंग हासिल करना है. अगर यहां दिए गए कुछ या सभी सवालों के लिए जवाब हां में हैं, तो यह एक चेतावनी है. आपको इस बात का फिर से आकलन करना चाहिए कि कैसा कॉन्टेंट बनाया जा रहा है:

  • क्या कॉन्टेंट बनाने का मुख्य मकसद, सर्च इंजन पर आने वाले लोगों का ध्यान खींचना है?
  • क्या आपकी साइट पर, इस उम्मीद में कई अलग-अलग विषयों पर बहुत ज़्यादा कॉन्टेंट बनाया जा रहा है कि इनमें से कुछ कॉन्टेंट, खोज के नतीजों में अच्छा परफ़ॉर्म कर सकता है?
  • क्या कई विषयों पर कॉन्टेंट बनाने के लिए, ऑटोमेशन का इस्तेमाल बहुत ज़्यादा किया जा रहा है?
  • क्या आपके कॉन्टेंट में बिना कोई वैल्यू जोड़े, मुख्य रूप से दूसरों के कॉन्टेंट की खास जानकारी दी जा रही है?
  • क्या आपने चीज़ों के बारे में सिर्फ़ इसलिए लिखा है, क्योंकि वे रुझान में हैं, न कि अपनी मौजूदा ऑडियंस को ध्यान में रखकर?
  • क्या आपका कॉन्टेंट पढ़ने वालों को ऐसा लगता है कि उन्हें दूसरे सोर्स से बेहतर जानकारी पाने के लिए, फिर से जानकारी खोजनी होगी?
  • क्या शब्दों की किसी खास संख्या के हिसाब से कॉन्टेंट लिखा जा रहा है, क्योंकि आपने सुना है या पढ़ा है कि Google को शब्दों की खास संख्या वाला कॉन्टेंट पसंद है? (नहीं, हम ऐसा नहीं करते).
  • आपको जिस विषय के बारे में जानकारी नहीं है उस पर कॉन्टेंट बनाने का फ़ैसला आपने इस वजह से किया है, क्योंकि आपको लगता है कि इससे सर्च ट्रैफ़िक मिलेगा?
  • क्या आपके कॉन्टेंट में ऐसे सवाल का जवाब दिया गया है जिसका असल में कोई जवाब मौजूद नहीं है, जैसे कि किसी प्रॉडक्ट, फ़िल्म या टीवी शो के रिलीज़ होने की तारीख बताना, जबकि इसकी कोई तारीख तय नहीं की गई है?

एसईओ को ध्यान में रखकर बनाए गए कॉन्टेंट के बारे में आपकी क्या राय है? क्या यह सर्च इंजन के लिए बनाया गया कॉन्टेंट नहीं है?

सर्च इंजन को आपका कॉन्टेंट बेहतर तरीके से खोजने और समझने में मदद करने के लिए कई काम किए जा सकते हैं . कम शब्दों में कहें, तो इसे "सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़ेशन" या एसईओ कहते हैं. Google की एसईओ गाइड में, सबसे सही तरीकों के बारे में बताया गया है. एसईओ तब मददगार हो सकता है, जब सर्च इंजन के लिए बनाए गए कॉन्टेंट के बजाय, इसे लोगों के हिसाब से बनाए गए कॉन्टेंट पर लागू किया जाए.

ई-ई-ए-टी और क्वालिटी रेट करने वालों के लिए बनी गाइडलाइन के बारे में जानना

Google के ऑटोमेटेड सिस्टम (कार्रवाइयों को अपने-आप पूरा करने वाला सिस्टम) को कई अलग-अलग फ़ैक्टर को ध्यान में रखकर अच्छे कॉन्टेंट को रैंक करने के लिए बनाया गया है. काम के कॉन्टेंट की पहचान करने के बाद, हमारे सिस्टम सबसे ज़्यादा मददगार कॉन्टेंट को प्राथमिकता देते हैं. इसके लिए, वे कई फ़ैक्टर की पहचान करते हैं. इससे, यह तय किया जा सकता है कि किस कॉन्टेंट से बेहतर अनुभव (एक्सपिरीयंस) विषय की अच्छी समझ (एक्सपर्टीज़), प्रामाणिकता (अथॉरिटेटिवनेस), और विश्वसनीयता (ट्रस्टवर्दीनेस), यानी ई-ई-ए-टी का पता चलता है.

ई-ई-ए-टी अपने-आप में रैंकिंग के लिए कोई खास फ़ैक्टर नहीं है. हालांकि, अच्छे ई-ई-ए-टी वाले कॉन्टेंट को पहचानने के लिए अलग-अलग फ़ैक्टर का इस्तेमाल करना फ़ायदेमंद होता है. उदाहरण के लिए, हमारे सिस्टम ऐसे कॉन्टेंट को ज़्यादा अहमियत देते हैं जिसकी ई-ई-ए-टी ज़्यादा हो. ऐसा उन विषयों के लिए किया जाता है जो लोगों की सेहत, वित्तीय स्थिरता या सुरक्षा या समाज को बेहतर बनाने पर खास तौर से असर डालते हों. हम इन्हें "आपका पैसा या आपकी ज़िंदगी" वाले विषय या YMYL कहते हैं.

Search की क्वालिटी को रेटिंग देने वाले लोग वे होते हैं जो हमें यह अहम जानकारी देते हैं कि हमारे एल्गोरिदम अच्छे नतीजे दिखा पा रहे हैं या नहीं. इससे हमें यह देखने में मदद मिलती है कि हमारे अपडेट ठीक से लागू हुए हैं या नहीं. रेटिंग देने वालों को खास तौर पर यह पता करना सिखाया जाता है कि कॉन्टेंट में बेहतर ई-ई-ए-टी मौजूद है या नहीं. ऐसा वे खोज के नतीजों की क्वालिटी को रेटिंग देने वालों के लिए बनी गाइडलाइन के हिसाब से करते हैं.

गाइडलाइन पढ़कर, आपको खुद का आकलन करने में मदद मिलती है कि ई-ई-ए-टी के पैमाने पर आपके कॉन्टेंट की परफ़ॉर्मेंस कैसी है. इसके आधार पर, यह सोचा जा सकता है कि इसमें क्या बेहतर किया जाए. साथ ही, कॉन्टेंट को रैंक करने के लिए, ऑटोमेटेड सिस्टम जिन अलग-अलग सिग्नल का इस्तेमाल करते हैं उनके हिसाब से कॉन्टेंट बनाया जा सकता है.