संग्रह की मदद से व्यवस्थित रहें अपनी प्राथमिकताओं के आधार पर, कॉन्टेंट को सेव करें और कैटगरी में बांटें.

Google Web Search के लिए स्पैम से जुड़ी नीतियां

स्पैम से जुड़ी हमारी नीतियां, लोगों के निजी डेटा को सुरक्षित रखने और खोज के नतीजों को बेहतर बनाने में मदद करती हैं. Google Web Search के नतीजों (वेब पेज, इमेज, वीडियो, समाचार या ऐसा अन्य कॉन्टेंट जिसे Google, वेब से खोजता है) में अपना कॉन्टेंट दिखाने के लिए यह ज़रूरी है कि उस कॉन्टेंट में Google Search की नीतियों या इस पेज पर स्पैम से जुड़ी जो नीतियां बताई गई हैं उनका उल्लंघन न हो. ये नीतियां, वेब पर की गई खोज के सभी नतीजों पर लागू होती हैं. इनमें Google की अपनी प्रॉपर्टी के नतीजे भी शामिल हैं.

हम ऑटोमेटेड सिस्टम (कार्रवाइयों को अपने-आप पूरा करने वाला सिस्टम) के ज़रिए, नीति का उल्लंघन करने वाले कॉन्टेंट और गतिविधियों की पहचान करते हैं. साथ ही, ज़रूरत पड़ने पर मानवीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके तहत मैन्युअल ऐक्शन लिया जा सकता है. हमारी नीतियों का उल्लंघन करने वाली साइटें, खोज के नतीजों में नीचे दिख सकती हैं या हो सकता है कि बिलकुल न दिखें.

अगर आपको लगता है कि कोई साइट, Google की स्पैम से जुड़ी नीतियों का उल्लंघन कर रही है, तो हमें इस बारे में बताने के लिए खोज की क्वालिटी से जुड़ी उपयोगकर्ता की रिपोर्ट भरें. हम ऐसे विकल्पों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं जिनसे समस्या अपने-आप हल हो जाए और जिन्हें बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा सके. साथ ही, हम इन रिपोर्ट का इस्तेमाल स्पैम की पहचान करने वाले अपने सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए करेंगे.

हमारी नीतियों में, सामान्य तरीके से किए जाने वाले स्पैम के बारे में बताया गया है. हालांकि, Google ऐसे किसी भी स्पैम के ख़िलाफ़ कार्रवाई कर सकता है जिसके बारे में हमें पता चलता है.

क्लोकिंग

क्लोकिंग एक ऐसा तरीका है जिसकी मदद से, उपयोगकर्ताओं और सर्च इंजन को अलग-अलग कॉन्टेंट दिखाया जाता है. इसका मकसद, खोज के नतीजों की रैंकिंग में हेरा-फेरी करना और उपयोगकर्ताओं को गुमराह करना होता है. क्लोकिंग के उदाहरण में शामिल हैं:

  • सर्च इंजन को यात्रा की जगहों के बारे में पेज दिखाया जा रहा है, जबकि लोगों को दवाइयों पर छूट से जुड़ा पेज दिख रहा है
  • किसी पेज पर टेक्स्ट या कीवर्ड सिर्फ़ तब शामिल किए जा रहे हों, जब पेज का अनुरोध करने वाला उपयोगकर्ता एजेंट एक सर्च इंजन है, न कि वेबसाइट पर आने वाला कोई व्यक्ति

अगर आपकी साइट में JavaScript या इमेज साइटमैप जैसी कोई ऐसी टेक्नोलॉजी इस्तेमाल हुई है जिसकी वजह से, सर्च इंजन को कॉन्टेंट ऐक्सेस करने में दिक्कत आ रही है, तो हमारे सुझाव देखें. इन सुझावों की मदद से उस कॉन्टेंट को क्लोकिंग का इस्तेमाल किए बिना, सर्च इंजन और लोगों के लिए, आसानी से ऐक्सेस करने लायक बनाया जा सकता है.

किसी साइट के हैक होने पर, हैकर अक्सर क्लोकिंग का इस्तेमाल करता है. इससे साइट के मालिक के लिए, हैकिंग के बारे में पता लगाना मुश्किल हो जाता है. हैक की गई साइट को ठीक करने और उसे हैक होने से बचाने के बारे में ज़्यादा पढ़ें.

अगर paywall की वजह से आपका कॉन्टेंट नहीं दिखता है या कॉन्टेंट को ऐक्सेस करने के लिए किसी तरह की सीमा लागू है, तो हम आगे बताई गई दो शर्तों के आधार पर इसे क्लोकिंग नहीं मानते. पहली शर्त- जब Google, paywall की वजह से नहीं दिखने वाले पूरे कॉन्टेंट को ठीक उसी तरह देख पाए जिस तरह, इसे देखने का ऐक्सेस रखने वाला व्यक्ति देखता है. दूसरी शर्त- आपने लचीली सैंपलिंग से जुड़े हमारे सामान्य दिशा-निर्देशों का पालन किया हो.

डोरवे

डोरवे ऐसी साइटें या पेज होते हैं जिन्हें एक जैसी और चुनिंदा खोज क्वेरी को रैंक करने के लिए बनाया जाता है. डोरवे, उपयोगकर्ताओं को इंटरमीडिएट पेजों पर ले जाते हैं. हालांकि ये पेज, उपयोगकर्ताओं के लिए ज़्यादा काम के नहीं होते. डोरवे के उदाहरण:

  • एक से ज़्यादा वेबसाइटों के यूआरएल और होम पेज में मामूली अंतर रखना, ताकि किसी खास क्वेरी के लिए उनकी पहुंच बढ़ाई जा सके
  • चुनिंदा इलाकों या शहरों को टारगेट करने वाले एक से ज़्यादा पेज या डोमेन नेम रखना, जो लोगों को एक ही पेज पर भेजते हों
  • ऐसे पेज जिनका इस्तेमाल करके, वेबसाइट पर आने वाले लोगों को आपकी साइट के उस हिस्से में भेजा जा सकता है जो उनके काम का है
  • ऐसे पेज जो साफ़ तौर पर पेजों को ब्राउज़ करने के क्रम से हटकर, काफ़ी हद तक खोज के नतीजों में दिखने वाले पेजों से मिलते-जुलते हों

हैक किया गया कॉन्टेंट

हैक किया गया कॉन्टेंट ऐसा कॉन्टेंट होता है जिसे किसी साइट पर बिना अनुमति के डाला जाता है. ऐसा साइट में मौजूद, सुरक्षा की कमियों की वजह से होता है. इसलिए, हमारे प्लैटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करने वालों को खोज के नतीजों में गलत कॉन्टेंट दिखता है. इसके अलावा, डिवाइसों पर नुकसान पहुंचाने वाले कॉन्टेंट के इंस्टॉल होने का डर बना रहता है. हैकिंग के कुछ उदाहरण:

  • कोड इंजेक्शन: जब हैकर को आपकी वेबसाइट का ऐक्सेस मिल जाता है, तो वे साइट पर मौजूद पेजों में नुकसान पहुंचाने वाले कोड डालने की कोशिश करते हैं. यह कोड अक्सर नुकसान पहुंचाने वाले JavaScript के रूप में, सीधे साइट पर या iframes में डाला जाता है.
  • पेज इंजेक्शन: कई बार सुरक्षा में कमी की वजह से, हैकर आपकी साइट में नए पेज भी जोड़ देते हैं. इनमें स्पैम या नुकसान पहुंचाने वाला कॉन्टेंट होता है. ये पेज अक्सर सर्च इंजन के काम में हेरा-फेरी करने या फ़िशिंग की कोशिश करने के लिए बने होते हैं. मुमकिन है कि साइट पर मौजूद पेजों को देखने से, साइट के हैक होने का पता न चले. हालांकि, नए पेज आपकी वेबसाइट पर आने वाले लोगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसके अलावा, खोज के नतीजों में, आपकी साइट की परफ़ॉर्मेंस पर भी असर डाल सकते हैं.
  • कॉन्टेंट इंजेक्शन: हैकर आपकी साइट के मौजूदा पेजों में, ऐसी हेरा-फेरी करने की कोशिश कर सकते हैं जो आसानी से पकड़ में न आए. उनका मकसद आपकी साइट में, ऐसा कॉन्टेंट जोड़ना होता है जो सर्च इंजन को दिखे. हालांकि, आपके या आपकी साइट का इस्तेमाल करने वालों के लिए, इसका पता लगाना मुश्किल होता है. इसमें सीएसएस या एचटीएमएल का इस्तेमाल करके, किसी पेज पर छिपे हुए लिंक या न दिखने वाले टेक्स्ट जोड़ना शामिल है. इसके अलावा, इसमें क्लोकिंग जैसे ज़्यादा मुश्किल बदलाव भी शामिल हो सकते हैं.
  • रीडायरेक्ट: हैकर आपकी वेबसाइट में नुकसान पहुंचाने वाला ऐसा कोड डाल सकता है जो आपकी साइट के कुछ उपयोगकर्ताओं को, स्पैम या नुकसान पहुंचाने वाले पेजों पर रीडायरेक्ट कर देता है. आपको कहां रीडायरेक्ट किया जाएगा, कभी-कभी यह रेफ़रल देने वाले, उपयोगकर्ता एजेंट या डिवाइस पर निर्भर करता है. उदाहरण के लिए, Google पर खोज के नतीजों में किसी यूआरएल पर क्लिक करने से, आपको किसी संदिग्ध पेज पर रीडायरेक्ट किया जा सकता है. हालांकि, ब्राउज़र से सीधे उस यूआरएल पर जाने से, रीडायरेक्ट नहीं होता.

यहां हैक की गई साइट को ठीक करने और अपनी साइट को हैक होने से बचाने के लिए सलाह दी गई है.

न दिखने वाले टेक्स्ट या छिपे हुए लिंक का मतलब है, किसी पेज पर कॉन्टेंट को इस तरह शामिल करना कि वह सर्च इंजन के काम में हेरा-फेरी कर सके और वेबसाइट पर आने वाले लोग उसे आसानी से न देख पाएं. हमारी नीतियों का उल्लंघन करने वाले ऐसे टेक्स्ट या लिंक के उदाहरण जो लोगों को नहीं दिखते:

  • सफ़ेद बैकग्राउंड पर सफ़ेद टेक्स्ट का इस्तेमाल करना
  • इमेज के पीछे टेक्स्ट को छिपाना
  • टेक्स्ट को ऑफ़-स्क्रीन पोज़िशन करने के लिए, सीएसएस का इस्तेमाल करना
  • फ़ॉन्ट साइज़ या अपारदर्शिता को शून्य पर सेट करना
  • लिंक को सिर्फ़ एक छोटे वर्ण से जोड़कर छिपाना. उदाहरण के लिए, किसी पैराग्राफ़ के बीच में कोई हाइफ़न लगाकर लिंक करना

वेब डिज़ाइन के ऐसे कई एलिमेंट हैं जो उपयोगकर्ताओं को बेहतर अनुभव देने के लिए, डाइनैमिक तरीके से कॉन्टेंट दिखाने और छिपाने की सुविधा देते हैं; ये एलिमेंट हमारी नीतियों का उल्लंघन नहीं करते:

  • अकॉर्डियन या टैब किया गया कॉन्टेंट, जो अतिरिक्त कॉन्टेंट को छिपाने और दिखाने के बीच टॉगल करता है
  • स्लाइड शो या स्लाइडर, जो कई इमेज या टेक्स्ट पैराग्राफ़ के बीच चलता है
  • टूलटिप या मिलता-जुलता टेक्स्ट, जो अतिरिक्त कॉन्टेंट तब दिखाता है, जब लोग किसी एलिमेंट का इस्तेमाल करते हैं
  • ऐसा टेक्स्ट जिसे सिर्फ़ स्क्रीन रीडर ऐक्सेस कर सकता है और जिसका मकसद स्क्रीन रीडर का इस्तेमाल करने वालों के अनुभव को बेहतर बनाना हो

कीवर्ड स्टफ़िंग (बार-बार एक जैसे कीवर्ड डालना)

कीवर्ड स्टफ़िंग का मतलब है, किसी वेब पेज पर एक जैसे कीवर्ड या नंबर शामिल करना. ऐसा Google पर खोज के नतीजों की रैंकिंग में हेरा-फेरी करने के लिए किया जाता है. ये कीवर्ड अक्सर सूची या ग्रुप में दिखते हैं और अस्वाभाविक होते हैं या वेब पेज के कॉन्टेंट से मेल नहीं खाते. कीवर्ड स्टफ़िंग के कुछ उदाहरण:

  • फ़ोन नंबर की ऐसी सूचियां जिनमें काम की कोई जानकारी न हो
  • छोटे-छोटे टेक्स्ट, जिनमें उन शहरों और इलाकों की जानकारी होती है जिनके लिए वेब पेज को रैंक करने की कोशिश की जा रही हो
  • एक ही शब्द या वाक्यांश को दोहराना, जिससे पेज का कॉन्टेंट पढ़ने में अजीब लगे. उदाहरण के लिए:
    अनलिमिटेड ऐप स्टोर क्रेडिट. ऐसी कई साइटें हैं जो $0 में ऐप स्टोर क्रेडिट देने का दावा करती हैं, लेकिन वे सभी फ़र्ज़ी होती हैं. साथ ही, वे अनलिमिटेड ऐप स्टोर क्रेडिट तलाशने वालों को हमेशा निशाना बनाती हैं. आपको यहीं इस वेबसाइट पर, अनलिमिटेड ऐप स्टोर क्रेडिट मिल सकते हैं. अनलिमिटेड ऐप स्टोर क्रेडिट वाले हमारे पेज पर जाएं और इसे आज ही पाएं!

Google, लिंक का इस्तेमाल करके यह पता लगाता है कि वेब पेज कितने काम के हैं. Google पर खोज के नतीजों की रैंकिंग में हेरा-फेरी करने वाले किसी भी लिंक को स्पैम माना जा सकता है. इसमें आपकी साइट के लिंक या आपकी साइट से किसी दूसरी साइट या वेब पेज पर ले जाने वाले लिंक में हेरा-फेरी करने से जुड़ी सभी गतिविधियां शामिल होती हैं. स्पैम वाले लिंक के उदाहरण यहां दिए गए हैं:

  • रैंकिंग बेहतर करने के मकसद से लिंक खरीदना या बेचना. इसमें ये चीज़ें शामिल हैं:
    • पैसे देकर लिंक या लिंक वाली पोस्ट खरीदना
    • लिंक के बदले में सामान या सेवाएं देना
    • किसी व्यक्ति को प्रॉडक्ट भेजने के बदले में, उससे प्रॉडक्ट के बारे में लिखने या उसका लिंक शामिल करने के लिए कहना
  • बड़ी संख्या में लिंक की अदला-बदली करना ("आप मेरी वेबसाइट से लिंक करें और मैं बदले में आपकी साइट से लिंक करूं") या सिर्फ़ क्रॉस-लिंकिंग के मकसद से, दूसरे पेज के मालिकों से साझेदारी करना
  • अपनी साइट से जोड़ने वाले लिंक बनाने के लिए, अपने-आप काम करने वाले प्रोग्राम या सेवाएं इस्तेमाल करना
  • सेवा की शर्तें, समझौते या इनके जैसी किसी दूसरी चीज़ के तौर पर, दूसरी साइट से लिंक करने की प्रोसेस को ज़रूरी बनाना. इसमें, तीसरे पक्ष के कॉन्टेंट के मालिक को आउटबाउंड लिंक पाने का विकल्प नहीं दिया जाता
  • टेक्स्ट वाले ऐसे विज्ञापन या लिंक जो रैंकिंग क्रेडिट को ब्लॉक नहीं करते
  • लेख जैसे दिखने वाले विज्ञापन या स्थानीय विज्ञापन, जहां उन लेखों के लिए पेमेंट मिलता है जिनमें रैंकिंग क्रेडिट पास करने वाले लिंक शामिल होते हैं. इसके अलावा, इनमें लेखों, गेस्ट पोस्ट या दूसरी साइटों पर भेजी गई प्रेस रिलीज़ में ऑप्टिमाइज़ किए गए ऐंकर टेक्स्ट वाले लिंक शामिल होते हैं. उदाहरण के लिए:
    बाज़ार में बहुत सी शादी की अंगूठियां हैं. अगर आपकी शादी है, तो आपको सबसे अच्छी अंगूठी चुननी होगी. आपको फूल और शादी के कपड़े भी खरीदने होंगे.
  • हल्की क्वालिटी वाली डायरेक्ट्री या बुकमार्क वाले साइट लिंक
  • अलग-अलग साइटों पर उपलब्ध विजेट में, एम्बेड किए गए ऐसे लिंक जो छिपे हों, खराब क्वालिटी के हों या जिनमें बड़ी संख्या में कीवर्ड हों
  • अलग-अलग साइटों के फ़ुटर या टेंप्लेट में बड़ी संख्या में उपलब्ध लिंक
  • फ़ोरम पर की जाने वाली ऐसी टिप्पणियां जिनमें पोस्ट या हस्ताक्षर में ऑप्टिमाइज़ किए गए लिंक शामिल हों. उदाहरण के लिए:
    धन्यवाद, यह बढ़िया जानकारी है!
    - पॉल
    पॉल का पिज़्ज़ा सैन डिएगो पिज़्ज़ा सैन डिएगो का सबसे अच्छा पिज़्ज़ा

Google इस बात को समझता है कि लिंक खरीदना और बेचना, विज्ञापन और स्पॉन्सरशिप के मकसद से, वेब की इकॉनमी का सामान्य हिस्सा है. ऐसे लिंक इस्तेमाल करना, हमारी नीतियों का उल्लंघन नहीं है. बशर्ते वे rel="nofollow" या rel="sponsored" की एट्रिब्यूट वैल्यू से <a> टैग पर क्वालिफ़ाई करते हों.

मशीन से जनरेट किया गया ट्रैफ़िक

मशीन से आने वाले ट्रैफ़िक में, रिसॉर्स की खपत ज़्यादा होती है और लोगों को सबसे अच्छी सेवा देने में रुकावट आती है. अपने-आप आने वाले ट्रैफ़िक के उदाहरण:

  • Google को सिस्टम की मदद से अपने-आप क्वेरी भेजना
  • रैंक की जांच करने के मकसद से, नतीजे इकट्ठे करना या Google Search में अपने-आप मिलने वाले अन्य तरह के ऐक्सेस को साफ़ तौर पर अनुमति के बिना इस्तेमाल करना

इन गतिविधियों से, स्पैम से जुड़ी हमारी नीतियों और Google की सेवा की शर्तों का उल्लंघन होता है.

मैलवेयर और नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियां

Google, वेबसाइटों की जांच करके पता लगाता है कि उन पर ऐसे मैलवेयर या अनचाहे सॉफ़्टवेयर तो मौजूद नहीं हैं जिनसे लोगों को वेबसाइट इस्तेमाल करने में परेशानी हो.

मैलवेयर एक तरह का सॉफ़्टवेयर या मोबाइल ऐप्लिकेशन है. इसे खास तौर पर, किसी कंप्यूटर, मोबाइल डिवाइस, उन पर इस्तेमाल किए जा रहे सॉफ़्टवेयर या उनके उपयोगकर्ताओं को नुकसान पहुंचाने के मकसद से बनाया जाता है. मैलवेयर से लोगों को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियां की जाती हैं. इनमें लोगों की मंज़ूरी के बिना सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल करने और वायरस जैसे नुकसान पहुंचाने वाले सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल करने जैसी गतिविधियां शामिल हो सकती हैं. साइट के मालिकों को कभी-कभी यह पता नहीं होता कि उनकी वेबसाइट से डाउनलोड की जाने वाली फ़ाइलों को मैलवेयर के तौर पर देखा जा रहा है. इसलिए, यह मुमकिन है कि ये बाइनरी फ़ाइलें, वेबसाइट पर अनजाने में होस्ट हो गई हों.

अनचाहा सॉफ़्टवेयर ऐसी एक्ज़ीक्यूटेबल फ़ाइल या ऐसा मोबाइल ऐप्लिकेशन है जिसका इस्तेमाल करके, उपयोगकर्ता के साथ धोखाधड़ी की जाती है या उसके डिवाइस पर ऐसी गतिविधियां की जाती हैं जिनके बारे में उसे पता नहीं होता. इसके अलावा, इससे उपयोगकर्ता को वेबसाइट ब्राउज़ करने या अपने डिवाइस का इस्तेमाल करने में परेशानी होती है. इसके उदाहरण ऐसे सॉफ़्टवेयर हैं जो आपके होम पेज या ब्राउज़र की सेटिंग में अनचाहे बदलाव कर देते हैं. इसके अलावा, ये ऐसे ऐप्लिकेशन हो सकते हैं जो आपको बिना बताए आपकी निजी या व्यक्तिगत जानकारी, दूसरों के साथ शेयर कर सकते हैं.

साइट के मालिकों को यह पक्का करना चाहिए कि वे अनचाहे सॉफ़्टवेयर की नीति का उल्लंघन न करें और हमारे दिशा-निर्देशों का पालन करें.

गुमराह करने वाला फ़ंक्शन

साइट के मालिकों को ऐसी वेबसाइट बनानी चाहिए जिसमें मौजूद कॉन्टेंट की क्वालिटी अच्छी हो. साथ ही, उसमें ऐसी सुविधाएं मौजूद हों जिनसे लोगों को फ़ायदा हो. हालांकि, कुछ साइटों के मालिक, जान-बूझकर ऐसी साइटें बनाते हैं जिन पर गुमराह करने वाली सुविधाएं और सेवाएं मौजूद हों. ऐसा वे खोज के नतीजों की रैंकिंग में हेरा-फेरी करने के लिए करते हैं. इन साइटों के ज़रिए, उपयोगकर्ताओं को गुमराह किया जाता है. उन्हें लगता है कि वे कुछ कॉन्टेंट या सेवाओं को ऐक्सेस कर सकते हैं, लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं होता. गुमराह करने वाली सुविधाओं के उदाहरण:

  • नकली जनरेटर से बनी साइट, जो ऐप स्टोर क्रेडिट देने का दावा करती है, लेकिन असल में क्रेडिट नहीं देती
  • ऐसी साइट जो PDF मर्ज करना, काउंटडाउन टाइमर, ऑनलाइन डिक्शनरी सेवा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा करती है. हालांकि, वह बताई गई सेवाएं देने के बजाय, साइट इस्तेमाल करने वालों को जान-बूझकर धोखाधड़ी वाले विज्ञापनों पर ले जाती है

नकल किया गया कॉन्टेंट

कुछ साइट के मालिक, अपनी साइटों को ऐसे कॉन्टेंट के हिसाब से बनाते हैं जिसे ज़्यादा भरोसेमंद साइटों से लिया जाता है. मुमकिन है कि अच्छी क्वालिटी के सोर्स से नकल करके कॉन्टेंट बनाने के बाद भी, लोगों को उससे खास फ़ायदा न हो. ऐसा तब होता है, जब आपकी साइट पर इस्तेमाल करने वालों के काम की अतिरिक्त सेवाएं या कॉन्टेंट मौजूद न हो. इसके अलावा, इसे कॉपीराइट का उल्लंघन भी माना जा सकता है. अगर हमें किसी साइट के कॉन्टेंट को कानूनी तौर पर हटाने के लिए बहुत ज़्यादा संख्या में मान्य अनुरोध मिलते हैं, तो उस साइट की रैंकिंग को कम किया जा सकता है. गलत तरीके से नकल किए गए कॉन्टेंट के कुछ उदाहरण:

  • ऐसी साइटें जो नया कॉन्टेंट या नई जानकारी जोड़े बिना या ओरिजनल सोर्स का हवाला दिए बिना, दूसरी साइटों के कॉन्टेंट को कॉपी करके उसे दोबारा पब्लिश करती हैं
  • ऐसी साइटें जो दूसरी साइटों से कॉन्टेंट कॉपी करती हैं और उसमें बहुत कम बदलाव करके (उदाहरण के लिए, समानार्थी शब्दों को बदलकर या अपने-आप काम करने वाली तकनीकों का इस्तेमाल करके), उस कॉन्टेंट को दोबारा पब्लिश करती हैं
  • ऐसी साइटें जो दूसरी साइटों की मदद से, अपना कॉन्टेंट फ़ीड तैयार करती हैं. हालांकि, इससे इस्तेमाल करने वालों को कोई खास फ़ायदा नहीं होता
  • ऐसी साइटें जो दूसरी साइटों से कॉन्टेंट को एम्बेड या कंपाइल करती हैं. यह कॉन्टेंट, वीडियो, इमेज या अन्य मीडिया के फ़ॉर्मैट में हो सकता है. हालांकि, इससे इस्तेमाल करने वालों को कोई नई जानकारी नहीं मिलती

स्नीकी रीडायरेक्ट (बिना बताए रीडायरेक्ट करना)

रीडायरेक्ट करने का मतलब है, वेबसाइट पर आने वाले व्यक्ति को अनुरोध किए गए यूआरएल के बजाय, किसी दूसरे यूआरएल पर भेजना. स्नीकी रीडायरेक्ट का इस्तेमाल धोखा देने के मकसद से इन कामों के लिए किया जाता है: पहला- उपयोगकर्ताओं और सर्च इंजन को अलग-अलग कॉन्टेंट दिखाना. दूसरा- उपयोगकर्ताओं को ग़ैर-ज़रूरी कॉन्टेंट दिखाना. स्नीकी रीडायरेक्ट (बिना बताए रीडायरेक्ट करने) के ये उदाहरण हैं:

  • सर्च इंजन को खास तरह का कॉन्टेंट दिखाना, जबकि इस्तेमाल करने वालों को पूरी तरह अलग कॉन्टेंट पर रीडायरेक्ट करना
  • डेस्कटॉप इस्तेमाल करने वालों को सामान्य पेज दिखाना, जबकि मोबाइल इस्तेमाल करने वालों को पूरी तरह से अलग स्पैम डोमेन पर रीडायरेक्ट करना

स्नीकी रीडायरेक्ट (बिना बताए रीडायरेक्ट करना) एक तरह का स्पैम है. हालांकि, स्पैम के अलावा भी, एक यूआरएल को दूसरे पर रीडायरेक्ट करने की कई और सही वजहें होती हैं. सही वजहों से, रीडायरेक्ट करने के कुछ उदाहरण ये हैं:

  • अपनी साइट को किसी नए पते पर ले जाना
  • कई पेजों को मिलाकर एक पेज बनाना
  • लॉग इन करने के बाद, इस्तेमाल करने वालों को किसी अंदरूनी पेज पर रीडायरेक्ट करना

कोई रीडायरेक्ट स्नीकी है या नहीं, यह पता लगाने के लिए इस बात का ध्यान रखें कि रीडायरेक्ट का मकसद, उपयोगकर्ताओं या सर्च इंजन को धोखा देना तो नहीं था. अपनी साइट पर रीडायरेक्ट लागू करने के तरीकों के बारे में ज़्यादा जानें.

अपने-आप जनरेट हुआ स्पैम वाला कॉन्टेंट

अपने-आप जनरेट हुआ स्पैम वाला कॉन्टेंट ऐसा कॉन्टेंट है जो किसी प्रोग्राम के हिसाब से, अपने-आप होने वाली प्रोसेस से जनरेट होता है. इसमें कोई मौलिक जानकारी नहीं दी जाती या इससे कोई वैल्यू नहीं जुड़ती. इसे मुख्य रूप से, खोज की रैंकिंग में हेर-फेर करने के लिए जनरेट किया जाता है. लोगों को इससे कोई मदद नहीं मिलती. अपने-आप जनरेट हुए स्पैम वाले कॉन्टेंट के उदाहरण:

  • ऐसा टेक्स्ट जो पढ़ने वालों को कुछ खास जानकारी नहीं देता, लेकिन उसमें सर्च कीवर्ड शामिल होते हैं
  • ऐसा टेक्स्ट जिसका अनुवाद, अपने-आप काम करने वाले किसी टूल की मदद से किया जाता है. साथ ही, इस टेक्स्ट को पब्लिश करने से पहले, कोई व्यक्ति इसकी समीक्षा या क्यूरेशन नहीं करता
  • क्वालिटी या उपयोगकर्ता अनुभव को ध्यान में रखे बिना, अपने-आप काम करने वाली प्रोसेस के तहत जनरेट हुआ टेक्स्ट
  • ऐसा टेक्स्ट जिसे अपने-आप एक जैसा बनाने, पैराग्राफ़ के तौर पर या अस्पष्ट बनाने की तकनीकों के ज़रिए जनरेट किया गया है
  • स्क्रैपिंग फ़ीड या खोज के नतीजों से जनरेट किया गया टेक्स्ट
  • अपनी तरफ़ से कुछ नई जानकारी डाले बिना, अलग-अलग वेब पेजों के कॉन्टेंट को जोड़ना या मिलाना

अगर आपकी साइट पर ऐसा कॉन्टेंट होस्ट किया जा रहा है, तो उसे Google पर खोज के नतीजों में दिखने से रोकने के लिए, इन तरीकों का इस्तेमाल करें.

थिन अफ़िलिएट (अलग से कोई जानकारी न देने वाली साइट) पेज

थिन अफ़िलिएट (अलग से कोई जानकारी न देने वाले पेज) पेज, ऐसे पेज होते हैं जिनमें प्रॉडक्ट से जुड़े अफ़िलिएट लिंक होते हैं. इन पर प्रॉडक्ट की जानकारी और समीक्षाओं को मूल व्यापारी/कंपनी की साइट से सीधे कॉपी किया जाता है. इन पेजों में कोई मूल कॉन्टेंट या नई जानकारी नहीं होती.

अफ़िलिएट पेजों को तब थिन माना जा सकता है, जब वे किसी ऐसे प्रोग्राम का हिस्सा हों जो अपना कॉन्टेंट, सहयोगियों के नेटवर्क पर डिस्ट्रिब्यूट करता है. इसके लिए, अलग से कोई जानकारी नहीं दी जाती. ये साइटें अक्सर कुकी-कटर साइट या टेंप्लेट की तरह दिखती हैं. इनमें एक ही कॉन्टेंट या उससे मिलते-जुलते कॉन्टेंट को उसी साइट में या बहुत सारे डोमेन या भाषाओं में बार-बार दिखाया जाता है. अगर खोज के नतीजों वाले पेज पर एक जैसे कॉन्टेंट वाली इस तरह की कई साइटें दिखती हैं, तो थिन अफ़िलिएट पेजों की वजह से उपयोगकर्ताओं का अनुभव खराब हो सकता है.

अफ़िलिएट प्रोग्राम में शामिल होने वाली हर साइट, थिन अफ़िलिएट नहीं होती. अच्छी अफ़िलिएट साइटें, काम का कॉन्टेंट या सुविधाएं देती हैं. अच्छे अफ़िलिएट पेजों के उदाहरण में, ऐसे पेज शामिल हैं जिनमें कीमत, मूल प्रॉडक्ट की समीक्षा, गहराई से की गई जांच और रेटिंग, प्रॉडक्ट या कैटगरी तक नेविगेट करने की सुविधा, और प्रॉडक्ट की तुलना के बारे में ज़्यादा जानकारी होती है.

लोगों का बनाया गया स्पैम

लोगों का बनाया गया स्पैम, किसी वेबसाइट पर मौजूद स्पैम वाला ऐसा कॉन्टेंट होता है जिसे किसी चैनल की मदद से, लोग साइट पर जोड़ते हैं. अक्सर साइट के मालिकों को स्पैम वाले कॉन्टेंट की जानकारी नहीं होती. स्पैम वाले यूज़र जनरेटेड कॉन्टेंट के कुछ उदाहरण ये हैं:

  • होस्ट करने वाली सेवाओं पर स्पैम वाले खाते, जिनके लिए कोई भी रजिस्टर कर सकता है
  • फ़ोरम थ्रेड पर स्पैम वाली पोस्ट
  • ब्लॉग पर स्पैम टिप्पणी करना
  • फ़ाइल होस्ट करने वाले प्लैटफ़ॉर्म पर, स्पैम वाली फ़ाइलें अपलोड करना

अपनी साइट के सार्वजनिक हिस्सों का गलत इस्तेमाल होने से रोकने के बारे में यहां सलाह दी गई है. यहां हैक की गई साइट को ठीक करने और अपनी साइट को हैक होने से बचाने के लिए सलाह दी गई है.

ऐसी अन्य गतिविधियां जिनकी वजह से, कॉन्टेंट को हटाया या उसका दर्जा घटाया जा सकता है

जब हमें किसी साइट को लेकर बहुत ज़्यादा संख्या में कॉपीराइट उल्लंघन की वजह से, कॉन्टेंट हटाने के मान्य अनुरोध मिलते हैं, तो खराब क्वालिटी के सिग्नल के तौर पर हम उनका इस्तेमाल करते हैं. साथ ही, अपने खोज के नतीजों में साइट के अन्य कॉन्टेंट की रैंकिंग कम कर देते हैं. इस तरह, अगर साइट पर उल्लंघन करने वाला अन्य कॉन्टेंट मौजूद है, तो इस बात की संभावना कम होती है कि साइट इस्तेमाल करने वालों को मूल कॉन्टेंट के बजाय, उल्लंघन करने वाला कॉन्टेंट दिखे. हम अन्य तरह की शिकायतों पर भी कॉन्टेंट की रैंकिंग घटाने के सिग्नल का इस्तेमाल करते हैं. इनमें अदालत के आदेश पर कॉन्टेंट हटाने के साथ-साथ नकली सामान की जानकारी देने वाले कॉन्टेंट को हटाने से जुड़ी शिकायतें भी शामिल हैं.

ऑनलाइन उत्पीड़न करने वाले कॉन्टेंट हटाना

Google की नीतियां, कुछ खास तरह के कॉन्टेंट को हटाने की अनुमति देती हैं. ऐसा तब किया जाता है, जब कॉन्टेंट निजी जानकारी से जुड़ी हमारी नीतियों का उल्लंघन करता है. जैसे, बिना सहमति के पाेस्ट किया गया अश्लील कॉन्टेंट, डॉक्सिंग कॉन्टेंट या साइटों पर होस्ट किए गए कॉन्टेंट को हटाने के तरीकों का गलत इस्तेमाल.

अगर हमें किसी खास साइट से, कॉन्टेंट हटाने के बहुत ज़्यादा अनुरोध मिलते हैं, तो हम उनका इस्तेमाल खराब क्वालिटी के सिग्नल के तौर पर करते हैं. साथ ही, हम अपने खोज के नतीजों में उस साइट के अन्य कॉन्टेंट की रैंकिंग भी कम कर देते हैं. हम यह भी देखते हैं कि क्या अन्य साइटों में भी लोगों का नाम खोजने पर, गतिविधियों का पैटर्न इसी तरह का है. अगर ऐसा है, तो उन साइटों के कॉन्टेंट की रैंकिंग भी कम कर दी जाती है.

अगर कोई व्यक्ति, बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी गतिविधियों की शिकायत करके, किसी साइट से कॉन्टेंट हटाने का अनुरोध करता है, तो हम अपने-आप रैंकिंग की सुरक्षा लागू कर देते हैं. इससे लोगों के नाम खोजने पर, खराब क्वालिटी वाली मिलती-जुलती अन्य साइटों के कॉन्टेंट को, Google पर खोज के नतीजों में दिखने से रोकने में मदद मिलती है.

धोखाधड़ी वाला कॉन्टेंट

धोखाधड़ी में कई गतिविधियां शामिल हैं. जैसे, नकली साइटों की मदद से किसी आधिकारिक कारोबार या सेवा के नाम पर काम करना, किसी कारोबार या सेवा के बारे में जान-बूझकर गलत जानकारी दिखाना या झूठे दावे करके, किसी साइट पर आने के लिए लोगों का ध्यान खींचना. हालांकि, इसमें इनके अलावा और भी चीज़ें शामिल हो सकती हैं. Google, ऑटोमेटेड सिस्टम (कार्रवाइयों को अपने-आप पूरा करने वाले सिस्टम) का इस्तेमाल करके, उन पेजों की पहचान करता है जिन पर धोखाधड़ी या बेईमानी वाला कॉन्टेंट मौजूद हो और उन्हें Google पर खोज के नतीजों में दिखने से रोकता है. ऑनलाइन धोखाधड़ी और बेईमानी के उदाहरणों में ये शामिल हैं:

  • किसी मशहूर कारोबार या सेवा देने वाली कंपनी के नाम पर, लोगों से पैसे ठगना
  • धोखाधड़ी करने वाली साइटें बनाना, जो यह दिखाती हों कि वे किसी सही कारोबार के लिए आधिकारिक ग्राहक सहायता उपलब्ध कराती हैं या इस तरह के कारोबार की नकली संपर्क जानकारी देना