अपनी वेबसाइट के एसईओ मैनेज करना

अगर आपकी साइट Google पर है और आपको एसईओ की बुनियादी बातों के बारे में पता है, तो आपके पास अपनी साइट को Google पर बेहतर तरीके से दिखाने के लिए कई और तरीके होते हैं. अपनी वेबसाइट को मैनेज करने और उसके रखरखाव के दौरान, आपको कुछ ऐसे खास उदाहरण दिख सकते हैं जो Google Search पर असर डालते हैं. इस गाइड में, एसईओ से जुड़े तकनीकी टास्क शामिल हैं. जैसे, किसी साइट को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने की तैयारी करना या कई भाषाओं में साइट को मैनेज करना.

Google आपकी साइट को कैसे क्रॉल और इंडेक्स करता है, इसे कंट्रोल करना

Google Search के काम करने के तरीके से जुड़ी हमारी गाइड पढ़ें. अगर आपको क्रॉल/इंडेक्स/सर्विंग पाइपलाइन के बारे में जानकारी नहीं है, तो आपको अपनी साइट पर आने वाली समस्याएं डीबग करने या Search के काम करने के तरीके को समझने में परेशानी होगी.

डुप्लीकेट कॉन्टेंट

कैननिकल पेजों के बारे में जानना ज़रूरी है. साथ ही, आपको यह भी जानना चाहिए कि वे आपकी साइट को क्रॉल और इंडेक्स करने की प्रोसेस पर क्या असर डालते हैं. अपनी साइट पर, ज़रूरत के हिसाब से डुप्लीकेट कॉन्टेंट को हटाने या हैंडल करने का तरीका भी जानें.

रिसॉर्स

Google को जिन रिसॉर्स (इमेज, सीएसएस फ़ाइलें वगैरह) या पेजों को क्रॉल करना है उनका ऐक्सेस Google के पास ज़रूर होना चाहिए. इसका मतलब है कि इन रिसॉर्स या पेजों पर, robots.txt के नियमों के तहत रोक न लगाई गई हो. साथ ही, इन्हें ऐसा उपयोगकर्ता ऐक्सेस कर पाए जिसकी पहचान छिपी हो. जिन पेजों को ऐक्सेस नहीं किया जा सकता वे इंडेक्स कवरेज रिपोर्ट में नहीं दिखेंगे. ऐसे पेजों को यूआरएल जांचने वाला टूल, क्रॉल नहीं किए गए पेज के तौर पर दिखाएगा. जिन रिसॉर्स पर रोक लगाई गई है उन्हें यूआरएल की जांच करने वाले टूल में, सिर्फ़ यूआरएल के हिसाब से दिखाया जाता है. अगर किसी पेज के ज़रूरी रिसॉर्स पर रोक लगाई गई है, तो इससे शायद Google आपके पेज को सही तरीके से क्रॉल न कर पाए. लाइव पेज को रेंडर करने के लिए यूआरएल जांचने वाले टूल का इस्तेमाल करें. इससे यह पुष्टि होती है कि Google आपके पेज को सही तरीके से देख पा रहा है या नहीं.

Robots.txt

क्रॉलिंग को रोकने के लिए robots.txt के नियमों और क्रॉलिंग को बढ़ावा देने के लिए, साइटमैप का इस्तेमाल करें. अपनी साइट पर मौजूद डुप्लीकेट कॉन्टेंट की क्रॉलिंग या ऐसे रिसॉर्स पर रोक लगाएं जो ज़रूरी नहीं हैं. इनमें आइकॉन या लोगो जैसे छोटे और अक्सर इस्तेमाल किए जाने वाले ग्राफ़िक शामिल हैं. इनसे आपके सर्वर पर बहुत ज़्यादा अनुरोध आ सकते हैं. robots.txt को, इंडेक्सिंग रोकने के तरीके के तौर पर इस्तेमाल न करें. इंडेक्सिंग रोकने के लिए, noindex टैग या लॉगिन करने की ज़रूरी शर्तों का इस्तेमाल करें. अपनी साइट के कॉन्टेंट को ऐक्सेस करने पर रोक लगाने के बारे में ज़्यादा पढ़ें.

साइटमैप

साइटमैप एक बहुत अहम तरीका है, जिससे Google को यह बताया जाता है कि आपकी साइट के कौनसे पेज ज़रूरी हैं. साइटमैप से और जानकारी भी मिलती है, जैसे कि अपडेट का अंतराल. बिना टेक्स्ट वाले कॉन्टेंट (इमेज या वीडियो) को क्रॉल करने के लिए भी, साइटमैप एक बेहतर तरीका माना जाता है. Google, साइटमैप में शामिल पेजों के अलावा, दूसरे पेजों को भी क्रॉल करता है. हालांकि, क्रॉलिंग के दौरान वह साइटमैप वाले पेजों को प्राथमिकता देगा. यह खास तौर पर उन साइटों के लिए अहम है जिनका कॉन्टेंट लगातार बदला जाता है या जिनके पेजों को लिंक की मदद से शायद ढूंढा न जा सके. साइटमैप का इस्तेमाल करने से, Google को आपकी साइट के उन पेजों को ढूंढने और प्राथमिकता देने में मदद मिलती है जिन्हें क्रॉल किया जाना है. यहां साइटमैप के बारे में सब कुछ जानें.

अंतरराष्ट्रीय स्तर की या कई भाषाओं में उपलब्ध साइटें

अगर आपकी साइट कई भाषाओं में उपलब्ध है या उसका कॉन्टेंट खास स्थानीय भाषाओं वाले उपयोगकर्ताओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है, तो:

पेज या साइट का डेटा दूसरी जगह भेजना

एक यूआरएल या पूरी साइट का डेटा दूसरी जगह भेजने के लिए, इन दिशा-निर्देशों का पालन करें:

किसी एक यूआरएल का डेटा दूसरी जगह भेजना

एक पेज का डेटा हमेशा के लिए दूसरी जगह पर भेजते समय, अपने पेज के लिए 301 रीडायरेक्ट लागू करना न भूलें. अगर किसी वजह से आपको सिर्फ़ कुछ समय के लिए डेटा को दूसरी जगह भेजना है, तो 302 रीडायरेक्ट लागू करें. इससे Google को पता चल जाएगा कि आपके पेज को क्रॉल करते रहना है.

जब कोई उपयोगकर्ता ऐसे पेज का अनुरोध करता है जो हटा दिया गया है, तो आपके पास उसे बेहतर अनुभव देने के लिए, पसंद के मुताबिक 404 पेज बनाने का विकल्प होता है. बस इस बात का ध्यान रखें कि जब कोई उपयोगकर्ता ऐसे पेज के लिए अनुरोध करता है जो अब मौजूद नहीं है, तो soft 404 के बजाय, 404 गड़बड़ी का मैसेज दिखाएं.

किसी साइट का डेटा दूसरी जगह भेजना

अगर आपको किसी साइट का पूरा डेटा दूसरी जगह भेजना है, तो 301 और साइटमैप में अपने हिसाब से सभी बदलाव लागू करें. इसके बाद, Google को इस कार्रवाई की जानकारी दें. इससे हम आपकी नई साइट को क्रॉल करना शुरू कर पाएंगे. साथ ही, नई साइट पर आपके सिग्नल फ़ॉरवर्ड कर पाएंगे. अपनी साइट का डेटा दूसरी जगह भेजने का तरीका जानें.

क्रॉल और इंडेक्स करने के सबसे सही तरीके अपनाना

  • अपनी साइट के लिंक को क्रॉल करने लायक बनाना. Google सिर्फ़ उन लिंक को क्रॉल कर सकता है जो href एट्रिब्यूट वाले <a> टैग हों. Google के क्रॉलर, किसी दूसरे फ़ॉर्मैट में बने लिंक को क्रॉल नहीं करते. Google, बिना href टैग वाले <a> लिंक को क्रॉल नहीं कर सकता. साथ ही, वह दूसरे टैग वाले वे लिंक भी क्रॉल नहीं कर पाता जो स्क्रिप्ट किए गए क्लिक इवेंट की वजह से लिंक की तरह काम करते हैं.
  • लॉगिन मांगने वाले लिंक और पैसे लेकर साइट पर डाले गए लिंक के लिए, rel=nofollow का इस्तेमाल करें. ऐसे कॉन्टेंट के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है जो भरोसेमंद न हो (जैसे कि वह कॉन्टेंट जो उपयोगकर्ता ने सबमिट किया हो). इस तरह, अच्छी क्वालिटी वाले सिग्नल (लिंक) उन्हें नहीं मिलेंगे या उनके खराब क्वालिटी वाले सिग्नल का आप पर असर नहीं होगा.
  • क्रॉल बजट को मैनेज करना:अगर आपकी साइट सामान्य साइटों से बड़ी है (करोड़ों पेज वाली साइट, जिसके पेज नियमित रूप से बदलते रहते हैं या ऐसी साइट जिसमें लाखों पेज हैं और वे लगातार बदलते रहते हैं), तो हो सकता है कि Google आपकी पूरी साइट को उतनी बार क्रॉल न कर पाए जितना आपको कराना है. इसलिए, Google को अपनी साइट पर मौजूद सबसे अहम पेजों की जानकारी दें. फ़िलहाल, ऐसा करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि अपने साइटमैप में, हाल ही में अपडेट किए गए या सबसे अहम पेजों की सूची बनाएं. साथ ही, robots.txt के नियमों का इस्तेमाल करके, कम अहमियत रखने वाले पेजों को छिपाएं.
  • JavaScript का इस्तेमाल करना: वेबसाइटों पर JavaScript के इस्तेमाल के लिए, Google के सुझाव अपनाएं.
  • कई पेजों वाले लेख: अगर आपका कोई लेख कई पेजों में है, तो इस बात का ध्यान रखें कि उपयोगकर्ताओं को अगले और पिछले पेज पर ले जाने वाले लिंक साफ़ तौर पर दिखें. यह भी ज़रूरी है कि इन लिंक को क्रॉल किया जा सके. इन तरीकों को अपनाने से Google आपके पेज सेट को क्रॉल करेगा.
  • इनफ़ाइनाइट स्क्रोलिंग वाले पेज: Google को इनफ़ाइनाइट स्क्रोलिंग वाले पेजों को स्क्रोल करने में परेशानी हो सकती है. इसलिए, अगर आपको पेज को क्रॉल कराना है, तो हर पेज पर नंबर वाला वर्शन उपलब्ध कराएं. आसानी से खोजने लायक इनफ़ाइनाइट स्क्रोलिंग वाले पेजों के बारे में ज़्यादा जानें.
  • ऐसे यूआरएल के ऐक्सेस पर रोक लगाएं जो आपकी साइट की स्थिति में बदलाव करते हैं. जैसे, टिप्पणियां करना, खाते बनाना, शॉपिंग कार्ट में आइटम जोड़ना वगैरह. इन यूआरएल को ब्लॉकर करने के लिए, robots.txt का इस्तेमाल करें.
  • Google जिस तरह की फ़ाइलों को इंडेक्स कर सकता है उनकी सूची देखें.
  • अगर Google आपकी साइट को बहुत ज़्यादा क्रॉल करता है, तो आपके पास अपनी साइट की क्रॉल दर कम करने का विकल्प होता है. हालांकि, ऐसा बहुत ही कम होता है कि Google आपकी साइट को ज़्यादा क्रॉल करे.
  • अगर आपकी साइट अब भी एचटीटीपी वाली है, तो हमारा सुझाव है कि साइट के डेटा को एचटीटीपीएस के डोमेन पर भेजें. इससे आपको साइट का इस्तेमाल करने वाले लोगों और अपनी साइट को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी.

वेबसाइट को समझने में Google की मदद करना

साइट पर, ग्राफ़िक के बजाय टेक्स्ट के रूप में ज़रूरी जानकारी डालें. Google कई तरह की फ़ाइलों को पार्स और इंडेक्स कर सकता है. इसके बावजूद, पेज के कॉन्टेंट को समझाने के लिए टेक्स्ट सबसे सही तरीका है. अगर आपके कॉन्टेंट में टेक्स्ट नहीं है या आपको साइट के कॉन्टेंट के बारे में कुछ और जानकारी देनी है, तो अपने पेजों में स्ट्रक्चर्ड डेटा जोड़ें. इससे हमें आपके कॉन्टेंट को समझने में मदद मिलती है. साथ ही, कुछ मामलों में हम ज़्यादा बेहतर नतीजे (रिच रिज़ल्ट) जैसी खोज की खास सुविधाएं भी दे पाते हैं.

अगर आपको एचटीएमएल और सामान्य कोडिंग के साथ काम करना है, तो आप खुद स्ट्रक्चर्ड डेटा जोड़ें. इसके लिए, डेवलपर के लिए तय किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें. अगर आपको मदद चाहिए, तो आप WYSIWYG स्ट्रक्चर्ड डेटा मार्कअप हेल्पर का इस्तेमाल करें. इससे आपको बेसिक स्ट्रक्चर्ड डेटा जनरेट करने में मदद मिलेगी.

अगर आपको अपने पेजों में स्ट्रक्चर्ड डेटा जोड़ने का तरीका नहीं पता, तो आप डेटा हाइलाइटर टूल का इस्तेमाल करें. इससे पेज के चुनिंदा हिस्सों को हाइलाइट करके, Google को बताया जा सकता है कि किस हिस्से में क्या जानकारी दी गई है (जैसे कि कोई इवेंट, तारीख, कीमत वगैरह). यह तरीका आसान है. हालांकि, पेज का लेआउट बदलने पर, शायद यह तरीका काम न करे.

अपनी साइट का कॉन्टेंट समझने में Google की मदद करने के बारे में ज़्यादा जानें.

हमारे दिशा-निर्देशों का पालन करना

कॉन्टेंट से जुड़े खास दिशा-निर्देश

अगर आपकी साइट पर खास तरह का कॉन्टेंट है, तो उसे Google पर सबसे सही तरीके से दिखाने के लिए, यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं:

उपयोगकर्ता अनुभव को मैनेज करना

आपकी साइट का मुख्य मकसद होना चाहिए कि उपयोगकर्ताओं को अच्छा अनुभव मिले. इससे आपकी साइट की रैंकिंग भी बेहतर होती है. उपयोगकर्ताओं को अच्छा अनुभव देने के कई तरीके हैं. इनमें से कुछ तरीके यहां दिए गए हैं.

एचटीटीपी के बजाय Google, वेबसाइटों के लिए एचटीटीपीएस इस्तेमाल करने का सुझाव देता है. इससे उपयोगकर्ता और साइट को बेहतर सुरक्षा मिलती है. एचटीटीपी इस्तेमाल करने वाली साइटों को Chrome ब्राउज़र में, "सुरक्षित नहीं है" के तौर पर मार्क किया जा सकता है. एचटीटीपीएस के साथ अपनी साइट को सुरक्षित करने के बारे में दिशा-निर्देश देखें.

पक्का करें कि आपकी साइट, अलग-अलग प्लैटफ़ॉर्म और अलग-अलग ब्राउज़र पर काम कर रही है.

आम तौर पर, धीरे-धीरे लोड होने वाले पेजों के मुकाबले, तेज़ी से लोड होने वाले पेजों को लोग ज़्यादा पसंद करते हैं. साइट की परफ़ॉर्मेंस के आंकड़े देखने के लिए, वेबसाइट की परफ़ॉर्मेंस के बारे में जानकारी देने वाली रिपोर्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है. अलग-अलग पेजों की परफ़ॉर्मेंस का पता लगाने के लिए, PageSpeed Insights का इस्तेमाल किया जा सकता है. web.dev साइट पर जाकर, तेज़ी से लोड होने वाले पेज बनाने के बारे में ज़्यादा जानकारी मिल सकती है. तेज़ी से लोड होने वाले पेजों के लिए, एएमपी का भी इस्तेमाल करें.

मोबाइल पर वेब पेज ऐक्सेस करने से जुड़ी ज़रूरी बातें

डेस्कटॉप के मुकाबले मोबाइल पर ज़्यादा जानकारी खोजी जाती है. इसलिए, आपकी साइट का मोबाइल-फ़्रेंडली होना ज़रूरी है. Google अब वेबसाइटों के लिए डिफ़ॉल्ट क्रॉलर के तौर पर, मोबाइल क्रॉलर का इस्तेमाल करता है. अपनी साइट को मोबाइल फ़्रेंडली बनाने के तरीके बारे में जानें.

Google पर, मोबाइल के इस्तेमाल के बारे में बताने वाले ये अतिरिक्त पेज मौजूद हैं. इन पर दी गई जानकारी पढ़ें. इसमें फ़ीचर फ़ोन पर उपयोगकर्ता के व्यवहार और मोबाइल डिवाइसों पर 'Google डिस्कवर' के काम करने के तरीके की जानकारी भी शामिल है. अगर आपकी साइट को मोबाइल पर इस्तेमाल करने के लिए कोई शुल्क लगता है, तो इस बारे में साफ़ तौर पर बताने से जुड़े दिशा-निर्देश भी देखे जा सकते हैं. इनका पालन करने से, आपको Google Chrome पर चेतावनियां नहीं मिलेंगी.

खोज नतीजों में दिखने के तरीके को कंट्रोल करना

Google Search में खोज के नतीजों के लिए, Google कई तरह की सुविधाएं और अनुभव उपलब्ध कराता है. इनमें समीक्षा के लिए दिए जाने वाले स्टार के निशान, साइट के एम्बेड किए गए खोज बॉक्स, और इवेंट या रेसिपी जैसी खास तरह की जानकारी के लिए खास खोज नतीजे शामिल हैं. देखें कि आपकी साइट के लिए कौनसी सुविधाएं और अनुभव सही हैं और उन्हें लागू करें. अपनी साइट को खोज नतीजों में दिखाने के लिए, कोई फ़ेविकॉन जोड़ा जा सकता है. साथ ही, लेख की तारीख जोड़कर, उसे खोज के नतीजों में दिखाया जा सकता है.

Google अच्छे शीर्षक के लिंक और स्निपेट उपलब्ध कराए, इसमें हमारी मदद करने का तरीका बताने वाले लेख ज़रूर पढ़ें. स्निपेट की लंबाई भी सीमित की जा सकती है या उसे पूरी तरह हटाया जा सकता है. खोज नतीजों के स्निपेट बनाते समय, टेक्स्ट या इमेज का इस्तेमाल सीमित करने के लिए मेटा टैग इस्तेमाल करने का तरीका जानें.

अगर आप यूरोप में मौजूद प्रेस पब्लिशर हैं, तो इस बारे में Search Console को बताएं.

Search Console का इस्तेमाल करना

Search Console पर आपको कई तरह की रिपोर्ट मिलती हैं. इनसे आपको Google Search पर अपनी साइट की परफ़ॉर्मेंस पर नज़र रखने और उसे बेहतर बनाने में मदद मिलती है. किन रिपोर्ट का इस्तेमाल करना है, इस बारे में ज़्यादा जानें.